करीब डेढ़ दशक पहले देश की राजनीति में भूचाल लाने वाले VVIP हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़ी इटली की अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी एक बार फिर भारत में लौट आई है. इस बार कंपनी ने अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस कंपनी से मेक इन इंडिया के तहत हेलीकॉप्टर निर्माण के लिए सामरिक समझौता किया है.
समझौते के तहत, दोनों कंपनियां, सेना (थलसेना, वायुसेना और नौसेना) के लिए हेलीकॉप्टर का साझा निर्माण देश में करेंगी. भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुई ट्रेड डील के बाद, दोनों देशों में ये बड़ा समझौता माना जा रहा है. सेना के अलावा, सिविल और कमर्शियल हेलीकॉप्टर का निर्माण करने की तैयारी में भी दोनों कंपनियां हैं.
अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी का लियोनार्डो ने किया अधिग्रहण
खास बात है कि इटली की ये लियोनार्डो कंपनी, एक दशक पहले देश में हुए VVIP हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़ी है. वीवीआईपी हेलीकॉप्टर बनाने वाली अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी का कुछ साल पहले लियोनार्डो ने अधिग्रहण कर लिया था. अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी ने अपना नाम बदलकर फिनमैनिका कर लिया था, जिसे हाल में क्लीन चिट मिल चुकी है. VVIP घोटाले के बाद, रक्षा मंत्रालय ने फिनमैनिका कंपनी को ब्लैक-लिस्ट में डाल दिया था.
भारत में तैयार किया जाएगा हेलीकॉप्टर इकोसिस्टम
देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार (3 फरवरी, 2026) को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और अडानी डिफेंस के डायरेक्टर (और अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी के बेटे) जीत अडानी की मौजूदगी में, दोनों कंपनियों से जुड़े अधिकारियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान कंपनी के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि इस समझौते के साथ, अडानी डिफेंस और लियोनार्डो, भारत में हेलीकॉप्टर इकोसिस्टम तैयार करने जा रहे हैं.
#WATCH | Delhi: On the MoU between Adani Defence and Leonardo, and India-Italy Strategic Partnership, Ambassador of Italy to India, Antonio Enrico Bartoli says, “…I remind you that there was defence cooperation agreement in 2023, talking about co-production projects. Then the… pic.twitter.com/yuAL3MHA2w
— ANI (@ANI) February 3, 2026
समझौते के तहत, अडानी डिफेंस, मेक इन इंडिया के तहत हेलीकॉप्टर के डिजाइन से लेकर निर्माण और MRO यानी मेंटेनेंस एंड रिपेयर फैसिलिटी तैयार करने जा रही है.
120 हेलीकॉप्टर के लिए रक्षा मंत्रालय ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया
एक अनुमान के मुताबिक, सेना के तीनों अंगों को आने वाले कुछ सालों में हैवी-लिफ्ट से लेकर अटैक और मल्टीरोल सहित 300 से भी ज्यादा हेलीकॉप्टर की जरूरत पड़ने जा रही है. रक्षा मंत्रालय ने 120 हेलीकॉप्टर के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू भी कर दी है. क्योंकि थलसेना, वायुसेना और नौसेना की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले चीता-चेतक हेलीकॉप्टर अब पुराने पड़ गए हैं और उन्हें रिप्लेस करने की सख्त जरूरत है. इस कमी को पूरा करने के लिए अडानी और इटली की कंपनी जोर लगा रही हैं.
कांग्रेस सरकार में हुआ था अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला
कांग्रेस की अगुवाई वाली UPA सरकार (2004-2014) के आखिरी सालों में VVIP हेलीकॉप्टर सामने आया था. आरोप लगा था कि वायुसेना के लिए इटली की अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से खरीदे जाने वाले 12 (वीवीआईपी) हेलीकॉप्टर में कांग्रेस से जुड़े नेताओं और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने घूस खाई थी.
मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी और तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एपी त्यागी को जेल तक जाना पड़ा था. ऐसे में रक्षा मंत्रालय ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर बनाने वाली अगस्ता वेस्टलैंड और उससे जुड़ी इटली की कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन 2021 में अगस्ता वेस्टलैंड को क्लीन चिट मिल गई थी.
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