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मुंगेर जिले के कासिम बाजार स्थित बीचागांव की ज्योति कुमारी ने अपनी बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए समाज की रूढ़िवादी सोच और सीमित संसाधनों का सामना किया। उनकी बड़ी बेटी रिजुल शर्मा अब जिले के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। ज्योति कुमारी ने यह साबित कर दिया कि मजबूत हौसले से परिस्थितियां राह नहीं रोक सकतीं। लगभग दो साल पहले, ज्योति कुमारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती सामाजिक सोच थी। जब उनकी बड़ी बेटी रिजुल शर्मा ने नृत्य में रुचि दिखानी शुरू की, तो परिवार और पड़ोस के लोगों ने ताने कसने शुरू कर दिए। मोबाइल-टीवी की मदद से सीखा डांस हालांकि, ज्योति ने हार नहीं मानी। उन्होंने घर के कामकाज के साथ-साथ मोबाइल और टीवी की मदद से खुद नृत्य सीखा और अपनी बेटी को सिखाना शुरू किया। रिजुल की नृत्य में रुचि बचपन से ही थी; प्ले स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही उनकी मां ने उनकी प्रतिभा को पहचान लिया था। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ता गया और रिजुल ने स्थानीय कार्यक्रमों से लेकर जिला और राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू कर दिया। आज वह कई मंचों पर अपनी प्रस्तुति दे चुकी हैं और जिलाधिकारी-पुलिस अधीक्षक सहित कई गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सम्मानित हो चुकी हैं। लड़कियों को फ्री में सिखाती है नृत्य ज्योति कुमारी बताती हैं कि शुरुआत में जब रिजुल कहीं नृत्य करने जाती थीं, तो लोग तरह-तरह की बातें करते थे। लेकिन जैसे-जैसे रिजुल को सम्मान मिलने लगा और उनकी प्रतिभा अखबारों व सोशल मीडिया में सामने आने लगी, वहीं लोग अब उनकी तारीफ करने लगे हैं। अब कई लोग अपनी बेटियों को उनसे नृत्य सिखाने के लिए भेज रहे हैं। समाज के इन्हीं तानों से आहत होकर मां-बेटी ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने तय किया है कि वे न केवल खुद आगे बढ़ेंगी, बल्कि अन्य लड़कियों को भी आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेंगी। इसी सोच के साथ अब रिजुल और उसकी छोटी बहन रायमा कुमारी आसपास की 15 से अधिक लड़कियों को मुफ्त में डांस सिखा रही हैं। वहीं रिजुल और सकी बहनों को सोशल मीडिया पर दिया गया डांस का वीडियो मीलीयन में है जबकि व्युबर भी 317 से अधिक है।
बड़ी बहन से प्रेरित होकर रायमा ने सिखा डांस रिजुल जहां 10वीं कक्षा की छात्रा है, वहीं उसकी छोटी बहन रायमा कुमारी 8वीं में पढ़ती है। बड़ी बहन से प्रेरित होकर रायमा ने भी डांस सीखना शुरू किया और अब वह भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पुरस्कार जीत रही है।
दोनों बहनों ने अब तक दो दर्जन से अधिक मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सम्मान हासिल किया है। हाल ही में 8 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर दलसिंहसराय में आयोजित नेशनल डांस प्रतियोगिता में रिजुल ने पहला स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया।
इस प्रतियोगिता में बिहार भर से करीब 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इसके अलावा बिहार दिवस पर मुंगेर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी दोनों बहनों को उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया गया। रिजुल बताती है कि उसे विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव लोचन और शिक्षक आशीष कोशेर का भी पूरा सहयोग मिला, जिसके कारण उसे कई बड़े मंचों पर प्रदर्शन का मौका मिला। वहीं परिवार के अन्य सदस्यों मौसी, मामा, नाना-नानी और दादा का भी भरपूर सहयोग मिला।
मां नं बताया समाज की नहीं की परवाह ज्योति कुमारी कहती हैं कि बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने समाज की परवाह नहीं की। आज जब उनकी बेटियां दूसरों के लिए प्रेरणा बन रही हैं, तो उन्हें गर्व महसूस होता है। उनकी यह पहल न सिर्फ उनकी बेटियों का भविष्य संवार रही है, बल्कि पूरे समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच भी विकसित कर रही है।
