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रांची सहित पूरे झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। आठ अप्रैल को राज्य के कई जिलों में आकाश में बादल छाये रहने के साथ मेघ गर्जन, तेज हवा और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पूर्वी और आसपास के मध्य भाग के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके तहत रांची, खूंटी, रामगढ़ और हजारीबाग समेत 17 जिले प्रभावित हो सकते हैं। वहीं नौ अप्रैल को भी रांची सहित 14 जिलों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। तापमान में गिरावट, अप्रैल में ठंड का एहसास लगातार बारिश और थंडरस्टॉर्म की वजह से राज्य के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जिससे लोगों को अप्रैल में भी ठंड का एहसास हो रहा है। रांची, खूंटी, लोहरदगा और लातेहार के लोग इस मौसम को शिमला जैसी ठंडक वाला अनुभव बता रहे हैं। बीते 24 घंटों में कांके का न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री दर्ज किया गया। रांची में तो दोपहर के समय भी तेज धूप के बीच अचानक बारिश ने मौसम को और अनिश्चित बना दिया। फसलों को नुकसान का खतरा मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ओलावृष्टि और तेज हवा के कारण टमाटर, फूलगोभी जैसी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। देवघर, गोड्डा, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। तेज हवा और वज्रपात से सतर्क रहने की जरूरत मौसम विभाग के अनुसार, आज हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही वज्रपात का भी खतरा बना हुआ है। रांची, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला और सिंहभूम क्षेत्र में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। लोगों को घर से बाहर निकलते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की हिदायत दी गई है। वहीं 10 अप्रैल से मौसम शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।


