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Tejashwi Yadav Rebrands Student RJD, New Team for Campus Politics

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की स्थापना (5 जुलाई 1997) के लगभग तीन दशक बाद पार्टी अपने छात्र संगठन में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सोमवार को छात्र राजद का नाम बदल दिया गया। पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दोपहर 1 बजे पार्टी कार्यालय म

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तेजस्वी यादव ने कहा हमने छात्र राजद (CRJD), जो कि राजद का छात्र संगठन था, उसे भंग कर दिया है। हमने अपनी पार्टी के नए छात्र संगठन का नाम ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ रखा है।

बिहार में जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसके पास बिहार की जनता का जनादेश नहीं होगा। अब बिहार की सरकार गुजरात से संचालित होगी। जेडीयू अब बीजेपी का एक संगठन बन चुकी है। आप देखेंगे कि दो महीने बाद कोई भी नीतीश कुमार की परवाह नहीं करेगा।

तेजस्वी यादव ने राजद के नए छात्र संगठन का नाम ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ रखा है। पार्टी ने इसका नया Logo भी लांच किया है।

तेजस्वी यादव ने राजद के नए छात्र संगठन का नाम ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ रखा है। पार्टी ने इसका नया Logo भी लांच किया है।

छात्र राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है राजद

यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब पार्टी छात्र राजनीति में अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती है। इससे पहले लालू यादव ने 6 मार्च को छात्र राजद की बिहार इकाई को भंग कर दिया था। इसके बाद से छात्र राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नवल किशोर यादव नए नाम और लोगो को अंतिम रूप देने में जुटे थे। रविवार को लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव ने इस पर अंतिम मुहर लगा दी।

कैंपस में दबदबा बढ़ाने की तैयारी

राजद की रणनीति साफ है कि वह भी अन्य राजनीतिक दलों की तरह विश्वविद्यालय परिसरों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है। भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी, सीपीआई के एआईएसएफ, सीपीएम के एसएफआई और माले के आईसा की तरह राजद भी अपने छात्र संगठन को सक्रिय और प्रभावी बनाना चाहता है। इसके जरिए पार्टी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य हिंदी भाषी राज्यों में अपने संगठन का विस्तार करना चाहती है।

MY समीकरण से आगे बढ़ने की कोशिश

राजद अब अपने पारंपरिक MY (मुस्लिम-यादव) वोट बैंक से आगे बढ़कर अन्य वर्गों को भी जोड़ने की कोशिश में है। पार्टी का मानना है कि छात्र संगठन के जरिए नए सामाजिक समूहों को जोड़ा जा सकता है और भविष्य के नए नेतृत्व को तैयार किया जा सकता है।

तेजस्वी की नई टीम, तेजप्रताप का असर खत्म

वर्ष 2011 से 2025 तक छात्र राजद की कमान अनौपचारिक रूप से लालू प्रसाद के बड़े बेटे Tej Pratap Yadav के हाथों में रही। इस दौरान छात्र संगठन में उनका वर्चस्व बना रहा और कोई हस्तक्षेप नहीं कर पाता था। इसी मुद्दे को लेकर उनकी तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से तनातनी भी हुई थी।

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