कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपचो गांव में विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थिति में बरामद किया गया। मृतका की पहचान 30 वर्षीय शबनम खातून के रूप में हुई है।
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उसके पति का नाम गुलाम मुस्तफा है। प्रारंभिक तौर पर ससुराल पक्ष ने घटना को आत्महत्या बताते हुए कहा कि शबनम ने जहर खाकर अपनी जान दे दी।
घटना के समय उसके पति गुलाम मुस्तफा घर पर मौजूद नहीं थे। बताया गया कि वह ट्रक चालक हैं और मंगलवार सुबह बरकट्ठा (हजारीबाग) गए हुए थे। दोपहर करीब 12 बजे उनकी पत्नी से फोन पर बात हुई थी।

मृत महिला के परिजनों ने ससुराल पहुंच कर जमकर हंगामा किया।
लेकिन एक घंटे बाद पड़ोस की महिला ने उन्हें सूचना दी कि शबनम ने आत्महत्या कर ली है। इसके बाद परिजन उसे सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मायके वालों का आरोप- गला घोंटकर की गई हत्या
इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद देर शाम मृतका के मायके वाले पिपचो गांव पहुंचे, जहां ससुराल पक्ष से उनका विवाद हो गया। मृतका के भाई इफ्तार अंसारी ने आरोप लगाया कि उनकी बहन की हत्या उसके ससुर मौलाना शेखावत ने गला घोंटकर की है।
मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शबनम ने किसी प्रकार का विषपान नहीं किया था।

मृतका के भाई इफ्तार अंसारी ने आरोप लगाया कि उनकी बहन की हत्या उसके ससुर मौलाना शेखावत ने गला घोंटकर की है।
जानकारी के अनुसार, शबनम की शादी छह वर्ष पहले हुई थी। तब से ही सास-ससुर के साथ उसका विवाद होता रहता था। इसको लेकर पहले भी पंचायत हुई थी, जिसके बाद वह अपने पति के साथ झुमरीतिलैया में किराए के मकान में रहने लगी थी।
तीन दिन पहले फिर पंचायत में निर्णय हुआ था कि दंपती गांव में ही रहेंगे। उनके लिए अलग कमरे व शौचालय की व्यवस्था की जाएगी।
पुलिस जांच में जुटी, ससुर हुआ फरार
घटना की सूचना रात करीब 10 बजे पुलिस को दी गई, जिसके बाद जयनगर थाना प्रभारी विकास कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

शबनम अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई है।
फिलहाल इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। उधर, घटना के बाद से मृतका के ससुर मौलाना शेखावत फरार बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, मायके और ससुराल पक्ष के बीच मामले को रफा-दफा करने को लेकर पैसों का भी प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन बाद में मायके वालों ने इसे ठुकरा दिया। शबनम अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई है।

