औरंगाबाद में एक युवक ने अपने दिवंगत दोस्त की पत्नी से विवाह कर उसकी तीन बेटियों को सहारा दिया। यह अनोखी शादी शहर के शाहपुर स्थित सूर्य मंदिर परिसर में सादगीपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे और नवदंपती को आशीर्वाद दिया। प्राइवेट कंपनी में काम करने के दौरान हुई थी दोस्ती सदर प्रखंड के अमोला बिगहा निवासी नीतिश ठाकुर की मई 2025 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी सोनी कुमारी (27) और तीन छोटी बेटियां ज्योति (8), शिवानी (6) और परी (4) अचानक गहरे संकट में आ गईं। परिवार के सामने बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और दैनिक जरूरतों को पूरा करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।इस कठिन समय में नीतिश के दोस्त यूपी के शाहजहांपुर जिला के देवकली गांव निवासी नवलेश ठाकुर आगे आए। दोनों की दोस्ती शाहजहांपुर में एक निजी कंपनी में साथ काम करने के दौरान हुई थी। दोस्त की मौत के बाद नवलेश लगातार सोनी और उसकी बेटियों की मदद करते रहे और हर संभव मदद किया। इसी दौरान नवलेश ने एक साहसिक और मानवीय निर्णय लेते हुए सोनी के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। हालांकि, सोनी ने स्पष्ट किया कि वह तभी इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगी, जब दोनों परिवारों की सहमति होगी। इसके बाद नवलेश ने पहले अपने परिवार को इस संबंध में राजी किया और फिर सोनी के परिवार से बातचीत की। दोनों पक्षों ने आपसी समझ और विश्वास के आधार पर इस रिश्ते को मंजूरी दे दी। परिजनों के अनुसार, प्रारंभ में कुछ संदेह और शंकाएं थीं, जिन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने नवलेश के चरित्र और नीयत की जांच-परख कर परिवार को आश्वस्त किया कि वह वास्तव में अपने दोस्त के प्रति सच्ची भावना से यह कदम उठा रहे हैं। परिवार के रजामंदी से सूर्य मंदिर में हुई शादी आखिरकार, सभी की सहमति से दोनों ने सूर्य मंदिर में भगवान सूर्य को साक्षी मानकर विवाह कर लिया। शादी के बाद सोनी अपनी तीनों बेटियों के साथ नवलेश के घर शाहजहांपुर चली गईं, जहां उनके लिए एक नई जिंदगी की शुरुआत हुई।
दोस्त की मौत के बाद विधवा पत्नी से की शादी:औरंगाबाद में तीन बेटियों को मिला सहारा; परिवार के रजामंदी से सूर्य मंदिर में लिए फेरे
औरंगाबाद में एक युवक ने अपने दिवंगत दोस्त की पत्नी से विवाह कर उसकी तीन बेटियों को सहारा दिया। यह अनोखी शादी शहर के शाहपुर स्थित सूर्य मंदिर परिसर में सादगीपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे और नवदंपती को आशीर्वाद दिया। प्राइवेट कंपनी में काम करने के दौरान हुई थी दोस्ती सदर प्रखंड के अमोला बिगहा निवासी नीतिश ठाकुर की मई 2025 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी सोनी कुमारी (27) और तीन छोटी बेटियां ज्योति (8), शिवानी (6) और परी (4) अचानक गहरे संकट में आ गईं। परिवार के सामने बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और दैनिक जरूरतों को पूरा करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।इस कठिन समय में नीतिश के दोस्त यूपी के शाहजहांपुर जिला के देवकली गांव निवासी नवलेश ठाकुर आगे आए। दोनों की दोस्ती शाहजहांपुर में एक निजी कंपनी में साथ काम करने के दौरान हुई थी। दोस्त की मौत के बाद नवलेश लगातार सोनी और उसकी बेटियों की मदद करते रहे और हर संभव मदद किया। इसी दौरान नवलेश ने एक साहसिक और मानवीय निर्णय लेते हुए सोनी के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। हालांकि, सोनी ने स्पष्ट किया कि वह तभी इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगी, जब दोनों परिवारों की सहमति होगी। इसके बाद नवलेश ने पहले अपने परिवार को इस संबंध में राजी किया और फिर सोनी के परिवार से बातचीत की। दोनों पक्षों ने आपसी समझ और विश्वास के आधार पर इस रिश्ते को मंजूरी दे दी। परिजनों के अनुसार, प्रारंभ में कुछ संदेह और शंकाएं थीं, जिन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने नवलेश के चरित्र और नीयत की जांच-परख कर परिवार को आश्वस्त किया कि वह वास्तव में अपने दोस्त के प्रति सच्ची भावना से यह कदम उठा रहे हैं। परिवार के रजामंदी से सूर्य मंदिर में हुई शादी आखिरकार, सभी की सहमति से दोनों ने सूर्य मंदिर में भगवान सूर्य को साक्षी मानकर विवाह कर लिया। शादी के बाद सोनी अपनी तीनों बेटियों के साथ नवलेश के घर शाहजहांपुर चली गईं, जहां उनके लिए एक नई जिंदगी की शुरुआत हुई।


