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झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो की लापता युवती पुष्पा मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने बरामद कंकाल और माता-पिता के डीएनए की जांच सेंट्रल फॉरेंसिक लैब (सीएफएसएल), कोलकाता में कराने का आदेश दिया है। साथ ही सरकार को 2 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान डीजीपी से लेकर डीएसपी तक कोर्ट में हाजिर हुए। सुनवाई के दौरान जब महाधिवक्ता ने बताया कि लापरवाही के आरोप में थाना स्तर के 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, तो कोर्ट ने तीखा सवाल किया। अदालत ने कहा, “निचले अफसरों को सस्पेंड करना यह साबित करता है कि लापरवाही हुई है। तो फिर डीआईजी, एसपी और डीएसपी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या उन्हें सिर्फ इसलिए छोड़ दिया गया क्योंकि वे बड़े पद पर हैं?” रिम्स में होगा पोस्टमार्टम कोर्ट ने जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए कंकाल का पोस्टमार्टम जमशेदपुर के बजाय रिम्स, रांची में कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने तल्ख लहजे में कहा कि जब सीनियर अफसरों को तलब किया गया, तो दो दिन में ही कंकाल मिल गया। इसका साफ मतलब है कि अब तक जानबूझकर जांच में ढिलाई बरती जा रही थी।
