![]()
झारखंड उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनाक रविवार को बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने अपने परिवार के साथ विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। उनके आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में उन्हें सीधे गर्भगृह तक ले जाया गया। जहां उन्होंने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा संपन्न की। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि आम भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। रुद्राभिषेक कर देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना गर्भगृह में प्रवेश करने के बाद चीफ जस्टिस ने भगवान शिव का विधिवत रुद्राभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने देश, राज्य और समाज की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। उनके साथ मौजूद परिवार के सदस्यों ने भी श्रद्धा भाव से पूजा में हिस्सा लिया। इस दौरान मंदिर प्रशासन के अधिकारियों ने पूरे विधि-विधान का पालन सुनिश्चित कराया, जिससे पूजा निर्विघ्न तरीके से संपन्न हो सकी। श्रद्धालुओं के बीच भी इस दौरान खास उत्साह देखा गया। बोले—‘मिली आत्मिक शांति’ पूजा-अर्चना के बाद मंदिर प्रभारी और अनुमंडल पदाधिकारी ने चीफ जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनाक को बाबा बैद्यनाथ की तस्वीर और अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। मंदिर प्रशासन ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ की पूजा कर उन्हें अत्यंत आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करने और देश-प्रदेश के लोगों के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि बनाए रखने की कामना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा, जिससे वहां उपस्थित लोगों को भी आध्यात्मिक अनुभूति हुई।


