कोडरमा के सतगांवां थाना क्षेत्र के कटैया गांव में घुसे हाथियों के झुंड ने 35 साल के रोहित कुमार को पटकर मार डाला। गांव वालों से मिली जानकारी के अनुसार 15 से 20 हाथियों का झुंड पिछले करीब एक महीने से सतगांवां प्रखंड के अलग-अलग इलाकों में घूम रहा है।
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दो दिन पहले यह झुंड कटैया पंचायत के गजघर गांव में घुसा था। जहां वीरेंद्र राय के मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। घर में रखा अनाज भी नष्ट कर दिया था। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था, लेकिन इसके बावजूद हाथियों को खदेड़ने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।

घर के मवेशियों को बचाने के क्रम में हाथियों ने पटक कर मार डाला।
मवेशियों को बचाने निकले रोहित पर हमला
घटना बीती रात करीब 12 बजे की है, जब हाथियों का झुंड कटैया गांव में घुस आया। गांव में अफरा-तफरी मच गई। 25-30 युवक लाठी-डंडे लेकर हाथियों को भगाने के लिए आगे बढ़े। इसी दौरान रोहित कुमार ने देखा कि हाथी उनके गौशाला की ओर बढ़ रहे हैं। मवेशियों और घर को बचाने के उद्देश्य से वह अकेले ही हाथियों को खदेड़ने निकल पड़े।
इसी दौरान हाथियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें पटक-पटक कर मार डाला। रोहित अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसी पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी। उसकी एक अविवाहित बहन भी है। घटना के बाद परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते वन विभाग कार्रवाई करता तो यह घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने मुआवजा देने और हाथियों को इलाके से खदेड़ने की मांग की है।
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
हाथियों के झुंड ने गांव के पंचायत भवन को भी तहस-नहस कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते वन विभाग कार्रवाई करता तो यह घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने और हाथियों को जल्द से जल्द इलाके से खदेड़ने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन सक्रिय नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
वहीं डीएफओ सौमित्र शुक्ला ने बताया कि हाथियों को पहले रजौली (बिहार) के जंगलों की ओर खदेड़ा गया था, लेकिन वे फिर लौट आए हैं। फिलहाल उन्हें गिरिडीह के जंगलों की ओर भेजने की कार्रवाई जारी है। घटना के बाद रेंजर सहित टीम को गांव भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि बीते एक वर्ष में हाथियों के हमले में कोडरमा जिले में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

