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झारखंड में गर्मी के तेवर लगातार तल्ख होते जा रहे हैं। ऐसे में झारखंड सरकार ने 21 अप्रैल से स्कूल टाइमिंग में बदलाव कर दिया है। अब केजी से 8वीं कक्षा सुबह 7 से 11:30 बजे तक और 9वीं से 12वीं तक की क्लासेज सुबह 7 बजे से 12 बजे तक संचालित की जाएगी। इधर, रविवार इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। डालटनगंज का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक है। इसके अलावा राज्य के पांच अन्य जिलों में भी पारा 40 डिग्री के पार चला गया। बोकारो में 43.1 डिग्री, सरायकेला में 41.9 डिग्री, जमशेदपुर में 41.6 डिग्री और कोडरमा में 40 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रांची में भी तापमान सामान्य से 6 डिग्री अधिक बढ़कर 39.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तापमान में इस तेजी से बढ़ोतरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अगले दो दिनों में 3 डिग्री चढ़ेगा तापमान मौसम विभाग ने आने वाले दिनों को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में तापमान में करीब 3 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है। कई इलाकों में लू चलने की भी संभावना जताई गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से दक्षिण छत्तीसगढ़ और मणिपुर तक दो टर्फ लाइन सक्रिय हैं, जिससे हवा का पैटर्न बदल रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत से गर्म और शुष्क हवाएं झारखंड की ओर आ रही हैं। हवा में नमी की कमी के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है। लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले दो-तीन दिनों तक विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अस्पतालों में बढ़ने लगे मरीज, बच्चों पर ज्यादा असर भीषण गर्मी का असर अब स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। रिम्स और सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। रविवार को उल्टी, सिरदर्द और चक्कर की शिकायत लेकर कई लोग अस्पताल पहुंचे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। कुछ जिलों में बारिश तो कहीं लू का असर मौसम विभाग ने 20 और 21 अप्रैल के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा और पाकुड़ में आंधी और बारिश की संभावना है, जबकि पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में लू चलने की चेतावनी दी गई है। इधर, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों के लिए पर्याप्त दवाएं, बेड और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध रखने को कहा है। साथ ही सभी जिलों के उपायुक्तों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

