
नगर निगम बोर्ड की गत 30 मार्च को हुई बैठक में लिये गये फैसले 22 दिन बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाये हैं. खासकर बोरिंग को लेकर लिये गये निर्णय पर काम की गति बेहद सुस्त है. बोरिंग वाहनों का रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं होने से प्रचंड गरमी के बाद भी शहर के सैकड़ों उपभोक्ता बोरिंग नहीं करा पा रहे हैं.
बोरिंग के लिए दो दर्जन से अधिक आवेदन मिले
जानकारी के अनुसार, घरों में बोरिंग कराने के लिए दो दर्जन से अधिक आवेदन निगम को मिल चुके हैं. उपभोक्ताओं ने शुल्क भी जमा कर दिया है, लेकिन बोरिंग वाहनों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से बोरिंग का काम ठप पड़ा है. विभागीय सूत्रों के मुताबिक अब तक केवल दो बोरिंग गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन आया है, लेकिन तकनीकी कारणों से वह भी लंबित है. इधर, दिन में ही बोरिंग कराने के नियम को लेकर भी असमंजस की स्थिति है. वहीं दूसरी ओर, बोर्ड बैठक में लिए गये अन्य फैसले भी फाइलों में ही सिमटे हैं. सभी वार्डों में 15-15 मजदूर रखने का निर्णय अब तक लागू नहीं हो सका है. जिन वार्डों में मजदूरों की संख्या कम है, वहां मजदूर बढ़ाने की योजना पर कोई प्रगति नहीं दिख रही.
चापाकल मरम्मत का टेंडर नहीं
चापाकल मरम्मत का मामला भी अटका हुआ है. बैठक में निर्णय के बावजूद अब तक टेंडर जारी नहीं किया गया है. शहर के नयी सरकार की पहली ही बोर्ड बैठक में लिये निर्णयों के कार्यान्वयन में देरी ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
The post Dhanbad News: 22 दिन बाद भी बोर्ड के फैसलों पर काम शुरू नहीं appeared first on Prabhat Khabar.

