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हजारीबाग सदर अस्पताल में मंगलवार को लोगों की भीड़ ने पत्रकारों पर हमला कर दिया। यह घटना झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के सामने हुई। दरअसल, स्वास्थ्य मंत्री हजारीबागब के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता गांव के जंगल में एक युवक और दो युवतियों के शव मिलने की घटना के बाद पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे थे। मौके पर मौजूद भीड़ उग्र हो गई
इसी दौरान पत्रकारों ने उनसे चतरा से जुड़े एक मामले पर सवाल किया। मौके पर मौजूद भीड़ उग्र हो गई और पत्रकारों पर हमला कर दिया। इस घटना में दो पत्रकार जख्मी हो गए। उनका इलाज जारी है। इधर, पत्रकारों ने मारपीट में शामिल दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है। मेरे ही निर्देश पर बीच-बचाव कर मामला शांत कराया: मंत्री
घटना पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- मेरे समर्थकों ने हमला नहीं किया है। कुछ पत्रकारों द्वारा लीक से हटकर सवाल पूछने के कारण मृतक के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। प्रशासन ने मेरे ही निर्देश पर बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। वहीं, मंत्री ने पौता गांव के पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इस घटना में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवारों को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने इस गंभीर घटना को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा की। बैठक में एसपी अमन कुमार, एसपी अमित कुमार, एसटीपीओ अमित आनंद, एसडीओ आदित्य पांडे और सिविल सर्जन अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। हजारीबाग में 4 दिन से लापता भाई-बहनों के शव नदी से बरामद
दरअसल, हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित पौता जंगल की नदी से सोमवार दोपहर पुलिस ने दो युवतियों और एक युवक के शव बरामद किया था। मृतकों की पहचान पौता निवासी मो. शाहिद अंसारी की बेटी खुशी परवीन (19), लोहसिंघना थाना क्षेत्र के मंडई निवासी मोहम्मद कमाल की बेटी सानिया परवीन (19) और कटकमदाग थाना क्षेत्र के सुल्ताना निवासी आदिल हसन (27) के रूप में हुई है। तीनों आपस में ममेरे-मौसेरे और फुफेरे भाई-बहन थे। सानिया ने हाल ही में दुमका एग्रीकल्चर कॉलेज में दाखिला लिया था, जबकि खुशी केबी महिला कॉलेज, हजारीबाग की छात्रा थी। आदिल भी शहर में पढ़ाई कर रहा था। परिजनों के मुताबिक, 23 अप्रैल को तीनों आम तोड़ने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक नहीं लौटे। इसके बाद मुफस्सिल थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई। परिजनों ने बताया कि पुलिस जांच के दौरान आदिल के मोबाइल की लोकेशन मोरांगी क्षेत्र में मिली थी, लेकिन तीनों का पता नहीं चल सका। सोमवार दोपहर ग्रामीणों ने नदी में शव देखे और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकलवाया। खुशी परवीन की 19 मई को बड़कागांव में शादी तय थी।

