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बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सहित कई विभागों के अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सम्राट चौधरी की सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल को पद से हटा दिया है। उन्हें अगले आदेश तक बिहार राज्य योजना परिषद में परामर्शी के पद पर भेजा गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। इस फेरबदल को राजस्व अधिकारियों और अंचल अधिकारियों की चल रही हड़ताल से जोड़कर देखा जा रहा है। हड़ताल के बीच बड़ा फैसला राजस्व अधिकारियों और अंचल अधिकारियों की हड़ताल के बीच प्रधान सचिव सी.के. अनिल को हटाने का निर्णय सरकार की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। माना जा रहा है कि विभाग में चल रहे गतिरोध और प्रशासनिक दबाव के बीच सरकार ने यह कदम उठाया है। कई जिला बंदोबस्त पदाधिकारियों का तबादला साथ ही बिहार प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों का भी स्थानांतरण किया गया है। जारी अधिसूचना के अनुसार कई जिलों में नए जिला बंदोबस्त पदाधिकारी तैनात किए गए हैं। औरंगाबाद, जहानाबाद, बेगूसराय, सुपौल, वैशाली, पूर्णिया, जमुई और सारण में नए बंदोबस्त पदाधिकारियों की पोस्टिंग की गई है। नए आदेश के तहत, पुरुषोत्तम को औरंगाबाद,किरण सिंह को जहानाबाद, गुलशन ऐन को बेगूसराय, बुद्ध प्रकाश को सुपौल, पायल प्रिया को वैशाली, विनोद कुमार तिवारी को पूर्णिया, संजय कुमार राय को जमुई, अखिलेश कुमार को सारण भेजा गया है। नई सरकार में तबादलों का दौर जारी नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक फेरबदल लगातार जारी है। विभिन्न विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली जा रही हैं। माना जा रहा है कि सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और विभागीय कामकाज में तेजी लाने के उद्देश्य से लगातार तबादले कर रही है।

