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कटिहार में एक छात्रा से टीसी देने के बदले मटन-पुलाव पार्टी कराने का मामला सामने आया है। बुधवार को आजमनगर प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुशहा में 8वीं पास छात्रा साबरी खातून अपना स्थानांतरण प्रमाण पत्र लेने पहुंची। वहां शिक्षकों ने उससे मटन-पुलाव पार्टी करवाने को कहां। इसके बाद वो अपने घर से मटन, मछली और पुलाव जैसे पकवान बनवाकर स्कूल लेकर गई। छात्रों ने घर जाकर परिजन से इस घटना के बारे में बताया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह की मांग शर्मनाक है। वहीं एक गरीब परिवार की छात्रा पर दबाव बनाकर यह पार्टी करवाई गई है। स्कूल के बाहर हंगामें की PHOTOS…
टीसी लेने स्कूल आई थी छात्रा छात्रा साबरी खातून ने बताया कि शिक्षकों ने टीसी की मांग करने पर पार्टी देने को कहा था। उन्होंने कहा था मांस खिलाने पर ही टीसी देंगे। इसके बाद मैं घर से मछली, मटन ,पुलाव, रोटी की पार्टी देकर चली गई। उसने बताया कि वो इसी साल 8वीं की परीक्षा दी थी। 9वीं में नामांकन करवाने के लिए उसे मिडिल स्कूल से टीसी लेना था, इसलिए स्कूल आई थी। ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में किया हंगामा इसके बाद धीरे-धीरे पूरे गांव में अफवाह फैल गई कि शिक्षक स्कूल में आपत्तिजनक मांस खा रहे हैं। अफवाह के बाद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण स्कूल प्रांगण में जुट गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी शिक्षा पदाधिकारी सरोज कुमार एवं थानाध्यक्ष नीरज कुमार पुलिस बल के साथ कुशहा गांव पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। प्रधानाध्यापक ने आरोपों को बताया बेबुनियाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक शशि रंजन ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि वह जनगणना ड्यूटी के कारण ब्लॉक में कार्य कर रहे थे। उन्हें स्कूल में क्या हो रहा था, इसकी स्पष्ट जानकारी मुझे नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि स्कूल में पदस्थापित सभी शिक्षकों का तबादला किया जाए, अन्यथा जन आंदोलन किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई बीडीओ सरोज कुमार ने कहा कि मामले की जांच आरंभ कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। मुखिया प्रतिनिधि इजहार आलम ने बताया कि आपत्तिजनक मांस के सेवन की अफवाह के कारण ग्रामीण एकजुट हो गए थे।


