Thursday, May 21, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

बूथों की भूल भुलैया:वार्ड-27 के वोटर का नाम 32 में, वार्ड-18 के 10 में… ढूढ़ें नहीं मिल रहे बूथों में नाम


बबलू राम, डबलू राम, गायत्री देवी सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य नगर निगम चुनाव में वोट देने से वंचित हो जाएंगे। क्योंकि, इनका नाम वार्ड नंबर 27 के किशोरगंज स्थित एलपी पब्लिक स्कूल के बूथ नंबर 27 में दर्ज है, लेकिन अब इन्हें वार्ड नंबर 32 का वोटर बना दिया गया है। ऐसे में ये सब वार्ड 32 में जाकर वोट नहीं दे सकेंगे। इसी तरह वार्ड नंबर 19 के वर्द्धमान कंपाउंड में रहने वाले संजय सिन्हा छोटू के पूरे परिवार का वार्ड बदलकर वार्ड नंबर 18 में कर दिया गया है। अब उन्हें वार्ड नंबर 18 के कचहरी रोड स्थित अभियंता भवन में बने बूथ पर जाकर वोट डालना होगा। लेकिन वार्ड 18 में जाकर वोट देना या नहीं देना उनकी मर्जी पर निर्भर करेगा। क्योंकि, कई वोटों को वोट डालने के लिए 2 से 5 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी। इसी तरह वार्ड 18 के करीब 900 वोटर ऐसे हैं जो वार्ड 10, 11 और 19 के मातृका आश्रम, काली मंदिर रोड, कॉसमॉस क्लब सहित अन्य क्षेत्र में रहते हैं, उन्हें भी अपना वोट अभियंता भवन में जाकर देना होगा। यह तो बस एक बानगी है। ऐसे हजारों वोटर हैं, जिनका वार्ड बदल गया है । कई वोटरों का नाम मतदाता सूची में नहीं मिल रहा है। वोटरो का वार्ड बदलने से प्रत्याशियों की टेंशन बढ़ गई है। क्योंकि, अब वे चुनाव प्रचार से अधिक अपने मतदाताओं को खोजने में ताकत लगा रहे हैं। दरअसल, नगर निगम चुनाव वर्ष 2024 के विधानसभा के लिए बने मतदाता सूची के आधार पर हो रहा है। मतदाता सूची के अनुसार मतदान केंद्रों का विखंडन सहायक निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा किया गया है। कागजों पर ही मतदान केन्द्रों का विखंडन होने से पूरे शहर में ऐसे हालात बन गए हैं। इससे संबंधित शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग के पास भी पहुंच गई है, लेकिन आयोग स्तर से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जांच के बाद विखंडन करना था, कागज पर ही बांट दिया बूथों के विखंडन से वार्ड में कैसे बदलाव आ गया।
– ग्राउंड पर जाकर वार्ड के अनुसार बूथों की जांच करके विखंडन करना था, लेकिन कागज पर ही वार्डवार बूथ बांट दिए गए। इससे हजारों मतदाताओं का वार्ड बदल गया।
जिन मतदाताओें का वार्ड औैर बूथ बदल गया है, वे अब क्या करेंगे।
– ऐसे मतदाताओं के पास अब कोई विकल्प नहीं है। क्योंकि, वर्ष 2024 के वोटर लिस्ट पर ही चुनाव हो रहा है। 2025 में वार्डों का विखंडन किया गया था। इसके बाद आपत्तियां मंगाई गई थी। मात्र 6 लोगों ने आपत्ति दी। जांच के बाद उसका समाधान किया गया। इसके बाद मतदाता सूची को फ्रिज कर दिया गया। मतदाताओं का नाम वार्डों में नहीं मिला तो वो वोट नहीं देंगे, ऐसे में वोटिंग प्रतिशत कैसे बढ़ेगा।
– शत-प्रतिशत मतदाताओं को बूथ तक पहुुंचाने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। केस स्टडी-1 : वोट देने जाना होगा 3.5 किमी दूर
जेसी रोड, वर्द्धमान कंपाउंड के 1400 वोटरों का नाम 3 किमी दूर वार्ड- 10 के बूथ नंबर 10/11 आदर्श विद्या मंदिर तिरिल कोकर में दर्ज है। जिसकी दूरी करीब 3.5 किमी है। वोटर प्रत्याशी से अपने निकट के बूथ पर वोटिंग करवाने की व्यवस्था की मांग कर रहे थे। केस स्टडी-2 : वार्ड 17 के वोटर का नाम 18 में
वार्ड 18 के 70 से अधिक वोटर वार्ड 20 में निवास करते हैं। ये भी 2 किमी दूर जाकर वोट करेंगे। भुतहा तालाब एरिया वार्ड 18 के 100 से अधिक वोटरों का नाम वार्ड नंबर- 20 में दर्ज है। वार्ड नंबर -17 के करीब 250 से अधिक वोटरों का नाम वार्ड नंबर -18 में दर्ज है। मेयर प्रत्याशियों का भी बूथ बदला
मेयर प्रत्याशी रमा खलखो पहले संत स्टीफन स्कूल में बने मतदान केंद्र पर मतदान करती थी, लेकिन अब उनका बूथ लोयला कॉन्वेंट कर दिया गया है। इसी तरह मेयर प्रत्याशी प्रवीण कच्छप का भी बूथ बदल गया है। पहले वे वार्ड नंबर 14 के योगदा सत्संग स्कूल में वोट देते थे, लेकिन अब उनका बूथ उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय महादेव टोली कर दिया गया है। मेयर प्रत्याशी सुरेंद्र लिंडा का भी बूथ बदल गया है। वे पहले जिला परिषद भवन में बने केंद्र पर वोट देते थे, लेकिन इस बार दूसरे स्थान पर केंद्र कर दिया गया है।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles