Sunday, May 3, 2026

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A raid was conducted at the house of a constable from the Bokaro SP office, and Rs 8.75 lakh was recovered.

रांची2 घंटे पहले

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काजल मंडल। - Dainik Bhaskar

काजल मंडल।

सीआईडी में केस दर्ज होने के आठवें दिन एसआईटी ने की तीसरी गिरफ्तारी, अब डीडीओ व प्रधान लिपिक रडार पर ट्रेजरी घोटाले में सीआईडी की एसआईटी ने अब बोकारो एसपी ऑफिस के लेखा शाखा में तैनात सिपाही काजल मंडल को ​गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद छापेमारी में उसके घर से 8.75 लाख रुपए कैश मिले हैं। उसे रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया है। वह गिरफ्तार कौशल पांडेय का सहयोगी है। एसआईटी की यह तीसरी गिरफ्तारी है।

इससे पहले एसआईटी ने कौशल पांडेय के सहयोगी गृह रक्षक सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह और एएसआई अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एसआईटी ने जांच में पाया कि कौशल पांडेय यात्रा मद की राशि का अवैध तरीके से निकासी कर काजल मंडल के खाते में भेजा करता था। इसके बाद काजल अपने खाते से पैसे निकाल कर नकद अपने घर में रखता था।

कौशल पांडेय और तीन सहयोगियों को कल रिमांड पर ले सकती है एसआईटी पूर्व में गिरफ्तार बोकारो एसपी कार्यालय के लेखापाल कौशल पांडेय और उसके दो सहयोगी सतीश कुमार व अशोक भंडारी को एसआईटी चार मई को रिमांड पर ले सकती है। इन तीनों से पूछताछ की तैयारी में है। क्योंकि बोकारो एसपी कार्यालय से अबतक जिन लोगो की गिरफ्तारी हुई है, वे सभी एकाउंट सेक्शन में कार्यरत थे और इनके ही करीबियों के नाम पर बने टेंपररी एकाउंट में अवैध रूप निकासी की गई। सरकारी राशि को ट्रांसफर किया गया है।

बोकारो से अब तक ये बरामदगी बोकारो के तेलीडीह स्थित 04.08 डिसमिल जमीन के कागजात इस भूमि पर निर्मित तीन तल्ला मकान {बोकारो के तेलीडीह में 4.98 डिसमिल जमीन के कागजात विभिन्न बैंकों में हस्तांतरित 1 करोड 93 लाख और 18 लाख रुपए के फिक्स्ड डिपॉजिट, जिसे फ्रीज किया गया 8.75 लाख रुपए नगद, जिसे जब्त किया गया।

हजारीबाग व चाईबासा जा सकती है एसआईटी ट्रेजरी घोटाले की जांच के लिए एसआईटी सोमवार को हजारीबाग और चाईबासा ऑफिस जा सकती है। इन दोनों जगहों पर भी वहां के लेखा शाखा में कार्यरत कर्मियों से पूछताछ की तैयारी है। सीआईडी ने अबतक तीन जिलों हजारीबाग, बोकारो और चाईबासा का केस टेकओवर कर जांच शुरू की है।

जानिए… ट्रेजरी-वित्तीय नियम बिल सही है या नहीं, यह जांचना डीडीओ की जिम्मेदारी ट्रेजरी कोड के नियम 305 में डीडीओ की​ जिम्मेदारी को स्पष्ट किया गया है। कहा गया है कि वे सरकारी खजाने से खर्च करने में उतनी ही सतर्कता बरतें, जितनी साधारण व्यक्ति अपने पैसे खर्च करने में बरतता है। डीडीओ यह देखने के लिए उत्तरदायी है कि बिल -वाउचर नियम के अनुसार तैयार किए गए हैं। राशि की निकासी तत्काल खर्च के लिए जरूरी है। नियम 305 (क) में कहा गया है कि डीडीअो को माह में एक बार ऑफिस का निरीक्षण करना चाहिए। लेखा की जांच करें कि लेखा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रजिस्टर में एंट्री हो रही है या नहीं। प्राप्ति और व्यय में उतार-चढ़ा को रफ्तार तेज क्यों है? नियन्त्री पदाधिकारी को हर 3 माह पर रिपोर्ट देना चाहिए, जिसमें गड़बड़ी और उसके निराकरण के लिए उठाए गये कदमों का उल्लेख हो। नियम 306 में कहा गया है कि नियंत्री पदाधिकारी काे यह देखना ​चाहिए कि बिल में दिखाए गए खर्च सही हैं या नहीं। खर्च के लिए स्वीकृति ली गई या नहीं। -शेष पेज 9 पर

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