Naushad Siddiqui ISF Leader: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जब भी ‘भाईजान’ शब्द गूंजता है, तो जेहन में बॉलीवुड के सलमान खान नहीं, एक शांत और सौम्य चेहरे वाले युवा नेता की तस्वीर उभरती है. यह नाम है नौशाद सिद्दीकी. फुरफुरा शरीफ के पीरजादा खानदान से ताल्लुक रखने वाले 32 वर्षीय नौशाद आज भांगड़ के विधायक ही नहीं, राज्य की राजनीति में एक बड़ी चुनौती हैं. बिना किसी बड़े अर्थबल या प्रशासनिक संरक्षण के, नौशाद ने जिस तरह अपनी जमीन मजबूत की है, उसने दिग्गजों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है.
वॉलीबॉल कोर्ट से सियासत के मैदान तक
नौशाद सिद्दीकी का खिलाड़ी से नेता बनने का सफर बेहद प्रेरणादायक है. राजनीति में आने से पहले नौशाद वॉलीबॉल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी थे. मात्र 27 साल की उम्र में खेल की जर्सी उतारी और अपने भाई अब्बास सिद्दीकी की पार्टी (ISF) की कमान थामकर चुनावी मैदान में उतर गये. आज वह जनता के बीच सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में एक हैं.
जेल, हमले और संघर्ष से नहीं झुके भाईजान
पिछले 5 वर्षों में नौशाद ने राजनीति के सबसे कठिन दौर देखे हैं. जेल की सजा काटना हो, विरोधियों का दबाव या लुभावने प्रस्ताव, नौशाद अपने रास्ते से नहीं भटके. चुनावी हिंसा के दौरान उनकी एसयूवी (SUV) पर कई बार हमले हुए, गाड़ियां तोड़ी गयीं, लेकिन नौशाद सिद्दीकी का कारवां कभी नहीं थमा.
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Naushad Siddiqui ISF Leader: कायम है खेल का जुनून
राजनीति में आने के बाद भी भाईजान का खेल का जुनून कम नहीं हुआ है. यात्रा के दौरान भी उनकी दिलचस्पी खेलों में कम नहीं हुई है. वह चलती गाड़ी में मोबाइल पर क्रिकेट और फुटबॉल मैच देखना पसंद करते हैं. अगर रास्ते में कहीं बच्चे खेल रहे हों, तो वह खुद भी मैदान में उतरने से पीछे नहीं हटते.
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बिरयानी के शौकीन और सादगी भरा जीवन
नौशाद के व्यक्तित्व के कुछ कोमल और व्यक्तिगत पहलू भी हैं. बिरयानी उनकी सबसे बड़ी कमजोरी है. घर पर जब भी बिरयानी बनती है, उनके लिए अलग से खास हिस्सा रखा जाता है. उनके समर्थक भी जानते हैं कि ‘भाईजान’ के लिए बेहतरीन बिरयानी का इंतजाम जरूरी है. जब लोग उनकी तुलना सलमान खान से करते हुए ‘भाईजान’ कहते हैं, तो वह शर्माते हुए बस इतना ही कहते हैं- मैं तो बहुत छोटा इंसान हूं.
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बचपन से आज तक नहीं बदला ‘पठान सूट’
नौशाद के पहनावे में एक ऐसी निरंतरता है, जो उनकी सादगी को दर्शाती है. बचपन से ही उन्हें को ढीले पठान सूट पहनना बेहद पसंद है. उनके जीवन में सिर्फ खेल का मैदान ही ऐसी जगह थी, जहां वह जर्सी और शॉर्ट्स में नजर आते थे. राजनीति के 5 सालों में बहुत कुछ बदला, लेकिन उनका सादा जीवन और पसंदीदा पठान सूट आज भी वैसा ही है.
भांगड़ की राजनीति को एक नई दिशा देने वाले नौशाद सिद्दीकी 2026 के चुनाव में भी अपनी इसी बेबाक और जुझारू छवि के साथ मैदान में हैं. अब देखना यह है कि बंगाल की जनता अपने इस ‘भाईजान’ पर दोबारा कितना भरोसा जताती है.
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