रविवार को देशभर में आयोजित नीट यूजी परीक्षा के दौरान पलामू जिले के मेदिनीनगर स्थित योध सिंह नामधारी महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र पर भारी लापरवाही सामने आई। निर्धारित समय के अनुसार परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होनी थी। सभी अभ्यर्थी समय पर अपने-अपने परीक्षा कक्ष में पहुंच चुके थे लेकिन कमरा नंबर 11 में बैठे परीक्षार्थियों को लंबे समय तक प्रश्न पत्र ही उपलब्ध नहीं कराया गया। परीक्षार्थियों और अभिभावकों ने बताया कि लगभग 48 स्टूडेंट्स हैं, जिन्हें प्रश्नपत्र के लिए इंतजार करना पड़ा। परीक्षा शुरू होने के करीब डेढ़ घंटे बाद तक भी जब प्रश्न पत्र नहीं मिला, तो छात्रों की बेचैनी गुस्से में बदल गई। परीक्षा जैसे संवेदनशील आयोजन में इस तरह की लापरवाही ने व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गेट पीटकर जताया विरोध, बाहर आकर सुनाई आपबीती करीब 3 बजे तक प्रश्न पत्र नहीं मिलने पर अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पहले परीक्षा हॉल के अंदर नाराजगी जताई गई, लेकिन जब कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो छात्र मुख्य गेट तक पहुंच गए। वहां उन्होंने गेट पीटकर अपना विरोध दर्ज कराया और बाहर निकलकर अपनी परेशानी बताई। अभ्यर्थियों का आरोप था कि उन्हें बार-बार आश्वासन दिया गया कि प्रश्न पत्र प्रिंट कराकर दिया जाएगा, लेकिन समय बीतता गया और कोई ठोस व्यवस्था नहीं हुई। इस बीच परीक्षा का बहुमूल्य समय बर्बाद होता रहा, जिससे छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया। हंगामे की खबर फैलते ही केंद्र के बाहर भी हलचल बढ़ गई। अधिकारियों की चुप्पी ने बढ़ाई शंका मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन हरकत में आया। सदर एसडीओ, एसडीपीओ और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। एसडीपीओ ने अभ्यर्थियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और दोबारा परीक्षा केंद्र के अंदर भेजा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अधिकारी कुछ भी स्पष्ट कहने से बचते नजर आए। अधिकारियों ने न तो फोन कॉल का जवाब दिया गया और न ही संदेशों का। इस चुप्पी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। फिलहाल परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल तैनात है। अधिकारी वहीं डटे हुए हैं।
पलामू में NEET-UG परीक्षा में बड़ी लापरवाही:डेढ़ घंटे तक नहीं मिला प्रश्न पत्र, अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा, अधिकारियों ने साधी चुप्पी
रविवार को देशभर में आयोजित नीट यूजी परीक्षा के दौरान पलामू जिले के मेदिनीनगर स्थित योध सिंह नामधारी महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र पर भारी लापरवाही सामने आई। निर्धारित समय के अनुसार परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होनी थी। सभी अभ्यर्थी समय पर अपने-अपने परीक्षा कक्ष में पहुंच चुके थे लेकिन कमरा नंबर 11 में बैठे परीक्षार्थियों को लंबे समय तक प्रश्न पत्र ही उपलब्ध नहीं कराया गया। परीक्षार्थियों और अभिभावकों ने बताया कि लगभग 48 स्टूडेंट्स हैं, जिन्हें प्रश्नपत्र के लिए इंतजार करना पड़ा। परीक्षा शुरू होने के करीब डेढ़ घंटे बाद तक भी जब प्रश्न पत्र नहीं मिला, तो छात्रों की बेचैनी गुस्से में बदल गई। परीक्षा जैसे संवेदनशील आयोजन में इस तरह की लापरवाही ने व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गेट पीटकर जताया विरोध, बाहर आकर सुनाई आपबीती करीब 3 बजे तक प्रश्न पत्र नहीं मिलने पर अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पहले परीक्षा हॉल के अंदर नाराजगी जताई गई, लेकिन जब कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो छात्र मुख्य गेट तक पहुंच गए। वहां उन्होंने गेट पीटकर अपना विरोध दर्ज कराया और बाहर निकलकर अपनी परेशानी बताई। अभ्यर्थियों का आरोप था कि उन्हें बार-बार आश्वासन दिया गया कि प्रश्न पत्र प्रिंट कराकर दिया जाएगा, लेकिन समय बीतता गया और कोई ठोस व्यवस्था नहीं हुई। इस बीच परीक्षा का बहुमूल्य समय बर्बाद होता रहा, जिससे छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया। हंगामे की खबर फैलते ही केंद्र के बाहर भी हलचल बढ़ गई। अधिकारियों की चुप्पी ने बढ़ाई शंका मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन हरकत में आया। सदर एसडीओ, एसडीपीओ और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। एसडीपीओ ने अभ्यर्थियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और दोबारा परीक्षा केंद्र के अंदर भेजा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अधिकारी कुछ भी स्पष्ट कहने से बचते नजर आए। अधिकारियों ने न तो फोन कॉल का जवाब दिया गया और न ही संदेशों का। इस चुप्पी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। फिलहाल परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल तैनात है। अधिकारी वहीं डटे हुए हैं।


