चतरा जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 282 किलोग्राम डोडा जब्त किया है। यह खेप धान की बोरियों के नीचे छिपाकर बिहार ले जाई जा रही थी। मामले में ऑटो चालक अजय कुमार साव को गिरफ्तार किया गया है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 42 लाख रुपए बताई जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के निर्देश पर की गई, जिन्हें इस तस्करी की पुख्ता सूचना मिली थी। नाकेबंदी कर संदिग्ध ऑटो को पकड़ा मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ संदीप सुमन के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने प्रतापपुर थाना क्षेत्र के बलवादोहर गांव के पास नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। शनिवार शाम करीब 7 बजे कुंदा की ओर से आ रहे एक संदिग्ध भूरे रंग के मालवाहक ऑटो (JH02BG-2536) को रोककर तलाशी ली गई। प्रारंभिक जांच में ऑटो में धान की बोरियां लदी दिखीं, जिससे पुलिस को शक हुआ। धान के नीचे छिपी मिली डोडा की बोरियां पुलिस ने जब धान की बोरियों को हटाकर सघन तलाशी ली, तो नीचे 10 बड़ी बोरियों में छिपाकर रखी गई डोडा बरामद हुई। कुल 282 किलोग्राम मादक पदार्थ मौके से जब्त किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चालक अजय कुमार साव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह प्रतापपुर के गोमें गांव का रहने वाला है और यह खेप कुंदा से खरीदकर बिहार के औरंगाबाद ले जाई जा रही थी। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए धान की बोरियों को कवर के रूप में इस्तेमाल किया था। एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज इस मामले में प्रतापपुर थाना में कांड संख्या 43/26 दर्ज कर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 15/18 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से अंतर्राज्यीय तस्करी के एक सक्रिय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अभियान में प्रतापपुर थाना प्रभारी और सशस्त्र बल की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य तस्करों और सरगनाओं की तलाश में जुटी है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
चतरा में 282 किलो डोडा जब्त:धान की बोरियों में छिपाकर बिहार हो रही थी तस्करी, ऑटो चालक गिरफ्तार
चतरा जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 282 किलोग्राम डोडा जब्त किया है। यह खेप धान की बोरियों के नीचे छिपाकर बिहार ले जाई जा रही थी। मामले में ऑटो चालक अजय कुमार साव को गिरफ्तार किया गया है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 42 लाख रुपए बताई जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के निर्देश पर की गई, जिन्हें इस तस्करी की पुख्ता सूचना मिली थी। नाकेबंदी कर संदिग्ध ऑटो को पकड़ा मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ संदीप सुमन के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने प्रतापपुर थाना क्षेत्र के बलवादोहर गांव के पास नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। शनिवार शाम करीब 7 बजे कुंदा की ओर से आ रहे एक संदिग्ध भूरे रंग के मालवाहक ऑटो (JH02BG-2536) को रोककर तलाशी ली गई। प्रारंभिक जांच में ऑटो में धान की बोरियां लदी दिखीं, जिससे पुलिस को शक हुआ। धान के नीचे छिपी मिली डोडा की बोरियां पुलिस ने जब धान की बोरियों को हटाकर सघन तलाशी ली, तो नीचे 10 बड़ी बोरियों में छिपाकर रखी गई डोडा बरामद हुई। कुल 282 किलोग्राम मादक पदार्थ मौके से जब्त किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चालक अजय कुमार साव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह प्रतापपुर के गोमें गांव का रहने वाला है और यह खेप कुंदा से खरीदकर बिहार के औरंगाबाद ले जाई जा रही थी। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए धान की बोरियों को कवर के रूप में इस्तेमाल किया था। एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज इस मामले में प्रतापपुर थाना में कांड संख्या 43/26 दर्ज कर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 15/18 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से अंतर्राज्यीय तस्करी के एक सक्रिय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अभियान में प्रतापपुर थाना प्रभारी और सशस्त्र बल की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य तस्करों और सरगनाओं की तलाश में जुटी है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
