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भास्कर न्यूज |गिरिडीह मजदूर दिवस पर सप्ताह भर चल रहे कार्यक्रमों के तहत मंगलवार को मधुबन के हटिया मैदान में असंगठित मजदूर मोर्चा और माले ने संयुक्त रूप से आम सभा की । कार्यक्रम की शुरुआत शहीद बेदी पर माल्यार्पण और झंडोत्तोलन के साथ हुई। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने मधुबन बाजार में रैली निकाली, जिससे पूरा क्षेत्र लाल झंडों और नारों से गूंज उठा। सभा को संबोधित करते हुए असंगठित मजदूर मोर्चा के नेता अजीत राय ने कहा कि मजदूर, किसान, असंगठित श्रमिक, छात्र, बेरोजगार, महिलाएं और गरीब वर्ग को एकजुट होकर केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि संगठित संघर्ष के बिना अधिकारों की लड़ाई संभव नहीं है। माले के जिला सचिव अशोक पासवान ने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियां मजदूरों और गरीबों के लिए हानिकारक साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शिकागो मजदूर आंदोलन के शहीदों को याद करते हुए सभी से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। असंगठित मजदूर यूनियन के अजीत राय और कन्हाई पांडेय ने संगठन को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि डोली मजदूरों सहित कई श्रमिक वर्गों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिस पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। माले के वरिष्ठ नेता पूरन महतो ने कहा कि किसान, मजदूर, छात्र और महिलाओं को लाल झंडे के साथ जुड़कर आंदोलन को मजबूत करना होगा। वहीं नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि क्षेत्रीय समस्याओं की अनदेखी करने वालों को पहचानने की जरूरत है और मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखना होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में द्वारिका राय, बसंत कर्मकार, हराधन तुरी, सूरज तुरी, मंसू हांसदा, योगेश्वर महतो, परशुराम महतो, रेशमी देवी, धर्मी देवी सहित कई कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही।


