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झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को झारखंड पात्रता परीक्षा- 2024 (जेट) में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, शारीरिक शिक्षा व खेल विषयों को शामिल नहीं किए जाने से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को संबंधित विषयों को शामिल करने पर निर्णय लेने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार 12 सप्ताह में इसपर निर्णय लेकर अदालत में शपथपत्र दाखिल करें। इससे पहले याचिकाकर्ता राजेश कुमार और गुलशन कुमार की ओर से अदालत को बताया गया कि वे इन विषयों में स्नातकोत्तर हैं, लेकिन जेट-2024 में विषय शामिल नहीं होने के कारण पात्रता सूची में शामिल होने से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पुस्तकालयाध्यक्ष और शारीरिक शिक्षा से जुड़े कई स्वीकृत पद वर्षों से खाली हैं। इस पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यह नीतिगत मामला है। फिलहाल विश्वविद्यालयों में इन विषयों के लिए पर्याप्त शैक्षणिक ढांचा और विभाग उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इन्हें जेट में शामिल नहीं किया गया है। इस पर अदालत ने माना कि जेट एक पात्रता परीक्षा है, न कि भर्ती प्रक्रिया। यूजीसी के नियमों के तहत इन विषयों के लिए भी पात्रता परीक्षा आवश्यक है। इसलिए इन्हें बाहर रखने का स्पष्ट आधार नहीं दिखता है। इसलिए सरकार 12 सप्ताह में इस पर फैसला लें।


