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जामताड़ा जिला मुख्यालय स्थित कोर्ट मोड़ पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। असामाजिक तत्वों ने प्रतिमा के हाथ में लगे तीर-धनुष और एक हाथ को तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही आदिवासी समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार बुधवार देर रात शरारती तत्वों ने इस घटना को अंजाम दिया। गुरुवार सुबह जब लोगों की नजर क्षतिग्रस्त प्रतिमा पर पड़ी तो खबर तेजी से पूरे शहर में फैल गई। देखते ही देखते कोर्ट मोड़ पर सैकड़ों लोग जमा हो गए। लोगों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया। सूचना मिलते ही एसडीओ अनंत कुमार, एसडीपीओ बिकास आनंद लागुरी और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से भरोसा दिलाया गया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि घटना में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान की जा सके। अधिकारियों ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। काफी देर तक लोगों को समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत कराया गया। आदिवासी संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी भारत ढिशुम आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेश मुर्मू ने घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के गौरव, स्वाभिमान और संघर्ष के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना पूरे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो समाज उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। वहीं अंचल अधिकारी ओबिश्वर मुर्मू ने बताया कि थाना प्रभारी को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

