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मधुबनी में जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को डीआरडीए सभागार में जिला स्तरीय पदाधिकारियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान डीएम ने लंबित मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी। बैठक में अंतर-विभागीय समन्वय, विभिन्न विकास योजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता और जन शिकायतों के निपटारे सहित विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जनता दरबार में मिली शिकायतों को हल करें जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों को सभी विभाग गंभीरता से लें और समय-सीमा के भीतर उनका निपटारा सुनिश्चित करें। विशेष रूप से राजस्व एवं शिक्षा विभाग को एक सप्ताह के भीतर लंबित आवेदनों का निपटारा करने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को सड़क निर्माण में बाधा बन रहे पेड़ों और बिजली के खंभों को वन एवं बिजली विभाग से समन्वय कर शीघ्र हटाने का निर्देश दिया। अतिक्रमण मामलों को मधुबनीफास्ट पोर्टल पर डालें उन्होंने सभी अतिक्रमण मामलों को मधुबनीफास्ट पोर्टल पर अपलोड कर नियमित निगरानी करने को भी कहा। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि एक भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए, अन्यथा संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में 19 मई से पंचायतों में आयोजित होने वाले सहयोग शिविर की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को पंचायत स्तर पर जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने और सभी आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। टीकाकरण अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने पर भी जोर दिया गया। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीपीग्राम, उच्च न्यायालय, सूचना का अधिकार और मानवाधिकार से जुड़े मामलों में शिक्षा, राजस्व और भू-अर्जन विभाग में अधिक लंबित मामले पाए गए। इस पर डीएम ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने दोहराया कि विकास कार्यों और जन शिकायतों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।


