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औरंगाबाद के अंबा बाजार में गुरुवार की रात मुख्य चौक के पास जाम लग गया। जाम के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम में दूल्हे की गाड़ी भी फंसी रही। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोग आपस में ही विवाद करने लगे। चौक के पास नबीनगर रोड, देव रोड, हरिहरगंज रोड और औरंगाबाद रोड से आने वाले वाहन चालक पहले निकलने की होड़ में एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इसी जल्दबाजी में सड़क पर वाहनों की कई कतारें लग गईं और चौक पूरी तरह जाम हो गया। करीब 2 किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। हालात तब और बिगड़ गए जब कई ड्राइवर और यात्री सड़क पर उतरकर अपनी गाड़ियों को आगे निकालने को लेकर आपस में बहस और धक्का-मुक्की करने लगे। एक घंटे तक रहा अफरा तफरी करीब एक घंटे तक अंबा चौक पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय लोगों ने खुद मोर्चा संभाला और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने का प्रयास किया। साथ ही वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद डायल-112 टीम और गश्ती दल मौके पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों को भी जाम हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद यातायात सामान्य कराया जा सका। शराब की खेप ले जाने की सूचना पर छापेमारी में चली गई थी गश्ती पुलिस थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि रात में पुलिस गश्ती दल को सूचना मिली थी कि देव रोड की ओर स्कॉर्पियो से शराब की खेप लाई जा रही है। सूचना मिलते ही गश्ती दल स्कॉर्पियो का पीछा करने निकल गया था। बाद में पुलिस को शराब लदी स्कॉर्पियो पकड़ने में सफलता भी मिली। हर दिन बनी रहती है जाम की स्थिति स्थानीय लोगों का कहना है कि अंबा चौक पर प्रतिदिन जाम की समस्या बनी रहती है। यहां जाम नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है, लेकिन जैसे ही ड्यूटी पर तैनात जवान किसी अन्य कार्य में जाते हैं। चौक पर भारी जाम लग जाता है। लगातार लगने वाले जाम से स्थानीय व्यापारियों की दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। ग्राहकों को बाजार में रुकने में परेशानी होती है, जिससे कारोबार पर असर पड़ रहा है। सड़क का चौड़ीकरण कराए जाने की मांग एनएच-139 पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने से यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। सड़क की क्षमता से अधिक वाहनों का परिचालन हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक सड़क का चौड़ीकरण या बाईपास निर्माण नहीं कराया जाएगा, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। लगातार बढ़ते यातायात दबाव के कारण सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं भी बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में चिंता बनी हुई है।

