Friday, May 8, 2026

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KISHANGANJ : गरीबी मिटाने का सपना दिखाया, जमा-पूंजी लेकर हो गये फरार

KISHANGANJ : गरीबी मिटाने का सपना दिखाया, जमा-पूंजी लेकर हो गये फरार

ठाकुरगंज ( किशनगंज ) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट :

हमने सोचा था इस बार घर में वाशिंग मशीन आएगी… बच्चों के लिए कुछ अच्छा होगा… लेकिन हमारी मेहनत की कमाई ही चली गई…” — यह कहते हुए कई महिलाओं की आंखें भर आईं . ठाकुरगंज एवं पोठिया प्रखंड में लोन और घरेलू सामान दिलाने के नाम पर हुई कथित ठगी ने सैकड़ों गरीब परिवारों के सपनों को तोड़ दिया है . बताया जा रहा है कि “फिन सपोर्ट माइक्रो फाउंडेशन” नाम से जुड़े लोग पिछले करीब 15 दिनों से गांव-गांव घूमकर महिलाओं को समूह में जोड़ रहे थे . गरीब और जरूरतमंद परिवारों को भरोसा दिलाया गया कि कम ब्याज पर 60 हजार रुपये तक ऋण मिलेगा और आसान किस्तों पर टीवी, फ्रिज, बाइक, वाशिंग मशीन, मिक्सी जैसे घरेलू सामान भी दिए जाएंगे . ग्रामीण महिलाओं ने अपने घरों की छोटी-छोटी बचत, मजदूरी की कमाई और कुछ ने तो गहने बेचकर भी पैसे जमा किए . किसी ने वाशिंग मशीन के नाम पर 6500 रुपये दिए, किसी ने 7000 रुपये, तो किसी ने मिक्सी के लिए 3300 रुपये जमा कराए . लोगों को विश्वास दिलाया गया था कि 8 मई को सामान वितरण होगा और लोन की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी . लेकिन शुक्रवार सुबह जब सैकड़ों महिलाएं और पुरुष उम्मीद लेकर कार्यालय पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला . ऑफिस बंद देख पहले लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ . कुछ देर बाद जब कंपनी कर्मियों के मोबाइल भी स्विच ऑफ मिले, तो महिलाओं की आंखों से आंसू निकल पड़े . कई महिलाएं वहीं बैठकर रोने लगीं . एक महिला ने रोते हुए कहा, “हम गरीब लोग हैं, बड़ी मुश्किल से पैसा जोड़ते हैं . बच्चों का पेट काटकर जमा किया था . ” वहीं दूसरी महिला ने कहा, “हमें भरोसा दिलाया गया था कि अब हमारी जिंदगी आसान हो जाएगी, लेकिन सब सपना टूट गया . ” घटना के बाद कार्यालय के बाहर भारी भीड़ जुट गई और लोगों ने जमकर हंगामा किया. ग्रामीण मकान मालिक से कंपनी कर्मियों की जानकारी मांगने लगे. इसी दौरान यह बात भी सामने आई कि कार्यालय किराये के एवज में मकान मालिक के बैंक खाते में करीब 15 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे. अब पुलिस उस बैंक ट्रांजैक्शन और खाते की जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. पीड़ितों में सुनीता देवी, गणेश भारती देवी, नीला देवी, लक्ष्मी कुमारी, जोशना कुमारी, मीना देवी, अनीता देवी, मरजीना बेगम, मुन्नी देवी, निविया देवी और राखी हसदा सहित कई अन्य महिलाएं शामिल हैं . इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि योजनाबद्ध तरीके से गरीब ग्रामीणों को निशाना बनाया गया। गांवों में बैठक कर भरोसा जीता गया और फिर बड़ी रकम लेकर फरार हो गए . मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची . थानाध्यक्ष मकसूद अहमद अशरफी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है तथा संबंधित लोगों की तलाश की जा रही है .

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