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नालंदा जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन करना वाहन मालिकों पर भारी पड़ रहा है। इसके बावजूद बकाए राशि को जमा करने में लोग रुचि नहीं दिखा रहे हैं। परिवहन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, कुल 6512 वाहन मालिकों पर जुर्माने की भारी-भरकम राशि बकाया है, जो अब तक 13 करोड़ 55 लाख 69 हजार 955 रुपए तक पहुंच गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा करीब तीन महीने पुराना है। हाल के दिनों में हुए ई-चालान को इसमें जोड़ दिया जाए, तो यह राशि और भी अधिक बढ़ जाएगी। वाहन मालिकों की ओर से बरती जा रही यह उदासीनता सीधे तौर पर परिवहन कार्यालय के आदेशों की अवहेलना को दर्शा रही है। जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) रंजीत कुमार ने बताया कि यह बकाया राशि यातायात नियमों के उल्लंघन के बाद की गई कानूनी कार्रवाई का परिणाम है। नियमों की निरंतर अनदेखी की जा रही है, जिसमें ओवरलोडिंग की समस्या सबसे गंभीर और आम हो गई है। वर्तमान में ई-चालान प्रणाली लागू होने के कारण उल्लंघनकर्ताओं को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर या ईमेल पर तुरंत सूचना भेज दी जाती है, लेकिन लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अक्सर देखा गया है कि वाहन मालिक जुर्माना तब तक जमा नहीं करते जब तक उन्हें वाहन के कागजात नवीनीकरण या किसी अन्य आधिकारिक काम में कानूनी रुकावट का सामना नहीं करना पड़े। सख्ती बरतने की तैयारी सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से सरकार ने जुर्माने की दरों में पहले ही काफी बढ़ोतरी कर दी है। नियमों के मुताबिक, बिना लाइसेंस के ड्राइविंग करने पर 5,000 रुपए और शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 10,000 रुपए तक के जुर्माने के साथ 6 महीने की जेल का भी प्रावधान है। इसी तरह, तेज गति से वाहन चलाने पर 1,000 से 2,000 रुपए, सीट बेल्ट या हेलमेट न लगाने पर 1,000 रुपए और लाल बत्ती पार करने पर 5,000 रुपए तक का दंड निर्धारित है। खतरनाक ड्राइविंग और वाहन चलाते समय मोबाइल के इस्तेमाल पर भी 5,000 रुपए का जुर्माना तय है। सबसे सख्त रुख एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को रास्ता न देने पर अपनाया गया है, जिसके लिए चालक को 10,000 रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। परिवहन विभाग अब इन बकाएदारों के खिलाफ सख्ती बरतने की तैयारी में है।

