दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल स्थित बीएससी नर्सिंग कॉलेज में सोमवार को इंटरनल परीक्षा में फेल 5 छात्रों को पास करने की मांग को लेकर हंगामा हुआ। 2022-26 बैच के छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य कार्यालय में विरोध जताया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर कॉलेज प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। जानकारी के अनुसार, 2022-26 बैच के कुछ छात्र इंटरनल परीक्षा परिणाम से नाराज थे। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा मूल्यांकन में पारदर्शिता नहीं बरती गई और जानबूझकर कुछ छात्रों को फेल किया गया है। इसी को लेकर छात्र प्राचार्य कार्यालय पहुंच गए और वहां नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी मामला बढ़ता देख कॉलेज की प्राचार्य भवानी भारती ने बेंता थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम कॉलेज पहुंची और सुरक्षा कर्मियों की मदद से छात्रों को कार्यालय से बाहर निकाला। इसके बाद भी छात्र शांत नहीं हुए और कॉलेज भवन के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना देकर बैठ गए। धरने पर बैठे छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना था कि परीक्षा परिणाम की निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। प्राचार्य के समर्थन में छात्रों का दूसरा गुट उतरा कॉलेज परिसर में छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर जहां 2022 बैच के छात्र प्राचार्य के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं जूनियर बैच के कई छात्र वर्तमान प्राचार्य के समर्थन में उतर आए हैं। समर्थक छात्रों का कहना है कि वर्तमान प्राचार्य के कार्यभार संभालने के बाद कॉलेज की प्रशासनिक व्यवस्था और अनुशासन में सुधार हुआ है। छात्रों के बीच गुटबाजी बढ़ने से कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस लगातार कैंपस में निगरानी कर रही है और छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की सलाह दी जा रही है।
छात्र नहीं माने तो कार्रवाई की जाएगी प्राचार्य भवानी भारती ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि करीब 20 से 25 छात्र 15 अप्रैल से लगातार परीक्षा बहिष्कार और अन्य गतिविधियों के माध्यम से विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2022-27 बैच के छठे सेमेस्टर की इंटरनल परीक्षा में फेल छात्रों को पास करने और 7वें सेमेस्टर में बेहतर अंक देने की लिखित गारंटी की मांग की जा रही है, जो नियमों के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन लगातार छात्रों को समझाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन यदि छात्र नहीं माने तो उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कॉलेज प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
