पाकुड़ मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में सियार के हमले से एक तीन माह की बच्ची की मौत हो गई है। इस घटना के बाद सियार के बढ़ते आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं और वन विभाग हरकत में आ गया है। डीएफओ सौरभ चंद्रा के निर्देश पर रेंजर बबलू देहरी अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली और मृतक बच्ची के पिता को 50 हजार रुपए का चेक सौंपा। इसके अतिरिक्त, सियार के हमले में घायल हुए दो अन्य लोगों को भी पांच हजार रुपए का चेक दिया गया। रेंजर बबलू कुमार ने बताया कि सियार को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय गश्त भी की जाएगी ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के रहसपुर, लखीनारायणपुर सहित कई गांवों में लगभग 300 से 400 सियार डेरा डाले हुए हैं। ये सियार लगातार गांव के मवेशियों और बच्चों को निशाना बना रहे हैं, जिससे ग्रामीण काफी भयभीत हैं। लखीनारायणपुर गांव में एक तीन माह की बच्ची की मौत सियार के हमले में हुई है, जबकि अब तक कुल 5 से 6 बच्चे घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सियार कई मवेशियों को भी अपना शिकार बना चुके हैं। बताया जा रहा है कि सियार गांव के बाहरी इलाकों में डेरा डाले हुए हैं और रात में बाहर निकलकर मुर्गे-मुर्गियों और बकरियों को निशाना बनाते हैं। मौका मिलने पर वे छोटे बच्चों पर भी हमला कर देते हैं। सियार के आतंक की खबर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। वन प्रमंडल की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से विस्तृत जानकारी ली और सियार के संभावित ठिकानों का भी निरीक्षण किया। वन विभाग की टीम आज रात भी लखीनारायणपुर में गश्त और निगरानी करेगी।
सियार के हमले से ग्रामीणों में दहशत:वन विभाग ने परिजनों को 50 हजार रुपए का मुआवजा दिया, सियार को पकड़ने की तैयारी शुरू
पाकुड़ मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में सियार के हमले से एक तीन माह की बच्ची की मौत हो गई है। इस घटना के बाद सियार के बढ़ते आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं और वन विभाग हरकत में आ गया है। डीएफओ सौरभ चंद्रा के निर्देश पर रेंजर बबलू देहरी अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली और मृतक बच्ची के पिता को 50 हजार रुपए का चेक सौंपा। इसके अतिरिक्त, सियार के हमले में घायल हुए दो अन्य लोगों को भी पांच हजार रुपए का चेक दिया गया। रेंजर बबलू कुमार ने बताया कि सियार को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय गश्त भी की जाएगी ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के रहसपुर, लखीनारायणपुर सहित कई गांवों में लगभग 300 से 400 सियार डेरा डाले हुए हैं। ये सियार लगातार गांव के मवेशियों और बच्चों को निशाना बना रहे हैं, जिससे ग्रामीण काफी भयभीत हैं। लखीनारायणपुर गांव में एक तीन माह की बच्ची की मौत सियार के हमले में हुई है, जबकि अब तक कुल 5 से 6 बच्चे घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सियार कई मवेशियों को भी अपना शिकार बना चुके हैं। बताया जा रहा है कि सियार गांव के बाहरी इलाकों में डेरा डाले हुए हैं और रात में बाहर निकलकर मुर्गे-मुर्गियों और बकरियों को निशाना बनाते हैं। मौका मिलने पर वे छोटे बच्चों पर भी हमला कर देते हैं। सियार के आतंक की खबर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। वन प्रमंडल की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से विस्तृत जानकारी ली और सियार के संभावित ठिकानों का भी निरीक्षण किया। वन विभाग की टीम आज रात भी लखीनारायणपुर में गश्त और निगरानी करेगी।


