गिरिडीह पुलिस ने बेंगाबाद थाना क्षेत्र के कोलहरिया जंगल में छापेमारी कर छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों के पास से 11 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड और 5 बाइक बरामद की गई हैं। यह कार्रवाई जिले में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच की गई है। एसपी डॉ. बिमल कुमार को प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से सूचना मिली थी कि कोलहरिया जंगल में कुछ युवक मोबाइल फोन के जरिए साइबर ठगी कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर, एसपी के निर्देश पर साइबर क्राइम डीएसपी आबिद खान के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर इन छह अपराधियों को पकड़ा। निजी जानकारी हासिल कर खातों से पैसे निकाल लेते थे
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अपराधियों ने अपनी कार्यप्रणाली का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे लोगों के मोबाइल पर ‘Mahanagar gas bill update.apk’, ‘RTO e-challan check.apk’ और ‘MGL gas.apk’ जैसे फर्जी APK लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इन लिंक को डाउनलोड करता था, उसका मोबाइल साइबर अपराधियों के नियंत्रण में आ जाता था। इसके बाद वे बैंकिंग विवरण, ओटीपी और अन्य निजी जानकारी हासिल कर खातों से पैसे निकाल लेते थे। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान महेंद्र कुमार मंडल (28), कृष्णा कुमार मंडल उर्फ बागी (24), ईश्वर मंडल (28), पंकज कुमार मंडल (19), राजेश कुमार मंडल (19) और आदित्य कुमार मंडल उर्फ राजा बाबू (19) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी बेंगाबाद थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों के निवासी हैं।
महेंद्र कुमार मंडल पहले भी जा चुका है जेल जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी कृष्णा मंडल पहले भी गिरिडीह साइबर थाना कांड संख्या 38/2023 और 43/2023 में जेल जा चुका है। वहीं, महेंद्र कुमार मंडल दिल्ली के सफदरगंज थाना क्षेत्र में साइबर अपराध के एक मामले में पहले भी जेल की सजा काट चुका है। यह दर्शाता है कि गिरोह के सदस्य पहले से ही साइबर अपराध की गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। पुलिस का कहना है कि गिरिडीह के जंगल और दूरदराज इलाके अब साइबर अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनते जा रहे हैं। नेटवर्क और तकनीक का इस्तेमाल कर अपराधी गांवों में बैठकर देशभर के लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या मोबाइल एप को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

