तमिलनाडु विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म विरोधी बयान के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल कटिहार ने अनोखा प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने उदयनिधि स्टालिन और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के पोस्टर सार्वजनिक शौचालयों एवं मूत्रालयों में लगाकर उनके बयान की कड़ी निंदा की। विहिप के जिला सह मंत्री प्रीतम प्रताप सिंह ने इस दौरान कहा कि सनातन का अंत असंभव है, क्योंकि इसका अर्थ ही ‘जो हमेशा से था और हमेशा रहेगा’ है। उन्होंने जोर दिया कि सनातन हिंदू धर्म पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा है। सिंह ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि सनातन को समाप्त करने का प्रयास करने वाली कई विचारधाराएं समय के साथ समाप्त हो गईं, जबकि सनातन आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रहा है। बयान को तुरंत विधानसभा की कार्यवाही से हटाने की मांग सिंह ने सवाल उठाया कि क्या स्टालिन किसी अन्य धर्म के खिलाफ ऐसा बयान देने का साहस कर सकते हैं। उन्होंने सनातन और हिंदू आस्थाओं के लगातार अपमान को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने मांग की कि इस बयान को तत्काल विधानसभा की कार्यवाही से हटाया जाए। बजरंग दल के जिला संयोजक राणा सोनी ने इसे विडंबनापूर्ण बताया कि जिन राजनीतिक दलों और परिवारों को सनातन परंपराओं, मंदिरों और हिंदू समाज से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ मिलता है, वही लोग सनातन को समाप्त करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार को मंदिरों और धार्मिक स्थलों से भारी राजस्व मिलता है, इसके बावजूद सनातन विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने पूछा कि क्या उनकी सरकार सनातन परंपरा और हिंदू आस्थाओं के सम्मान के पक्ष में है या ऐसे विभाजनकारी बयानों का समर्थन करती है। विहिप और बजरंग दल कटिहार ने संयुक्त रूप से मांग की कि ऐसे आपत्तिजनक और विभाजनकारी वक्तव्यों को विधानसभा की कार्यवाही से तत्काल हटाया जाए। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की।
VHP-बजरंग दल ने उदयनिधि स्टालिन के पोस्टर टॉयलेट में लगाए:कटिहार में सनातन विरोधी बयान पर हंगामा, विधानसभा से स्टेटमेंट हटाने की मांग
तमिलनाडु विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म विरोधी बयान के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल कटिहार ने अनोखा प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने उदयनिधि स्टालिन और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के पोस्टर सार्वजनिक शौचालयों एवं मूत्रालयों में लगाकर उनके बयान की कड़ी निंदा की। विहिप के जिला सह मंत्री प्रीतम प्रताप सिंह ने इस दौरान कहा कि सनातन का अंत असंभव है, क्योंकि इसका अर्थ ही ‘जो हमेशा से था और हमेशा रहेगा’ है। उन्होंने जोर दिया कि सनातन हिंदू धर्म पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा है। सिंह ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि सनातन को समाप्त करने का प्रयास करने वाली कई विचारधाराएं समय के साथ समाप्त हो गईं, जबकि सनातन आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रहा है। बयान को तुरंत विधानसभा की कार्यवाही से हटाने की मांग सिंह ने सवाल उठाया कि क्या स्टालिन किसी अन्य धर्म के खिलाफ ऐसा बयान देने का साहस कर सकते हैं। उन्होंने सनातन और हिंदू आस्थाओं के लगातार अपमान को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने मांग की कि इस बयान को तत्काल विधानसभा की कार्यवाही से हटाया जाए। बजरंग दल के जिला संयोजक राणा सोनी ने इसे विडंबनापूर्ण बताया कि जिन राजनीतिक दलों और परिवारों को सनातन परंपराओं, मंदिरों और हिंदू समाज से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ मिलता है, वही लोग सनातन को समाप्त करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार को मंदिरों और धार्मिक स्थलों से भारी राजस्व मिलता है, इसके बावजूद सनातन विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने पूछा कि क्या उनकी सरकार सनातन परंपरा और हिंदू आस्थाओं के सम्मान के पक्ष में है या ऐसे विभाजनकारी बयानों का समर्थन करती है। विहिप और बजरंग दल कटिहार ने संयुक्त रूप से मांग की कि ऐसे आपत्तिजनक और विभाजनकारी वक्तव्यों को विधानसभा की कार्यवाही से तत्काल हटाया जाए। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की।

