रांची| मूलवासी सदान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने स्थानीय नीति और भाषा विवाद को लेकर राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि झारखंड में स्थानीय नीति और नियोजन नीति अब भी स्पष्ट नहीं है, जबकि बाहरी भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा में शामिल करने की कोशिश हो रही है। उनका आरोप है कि इससे राज्य की नौकरियों पर बाहरी लोगों का कब्जा बढ़ेगा और सबसे बड़ा नुकसान यहां के युवाओं को होगा। प्रसाद ने कहा कि झारखंड की मूल क्षेत्रीय भाषा नागपुरी है, जो बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में भी बोली जाती है। ऐसे में सवाल है कि क्या वहां भी नागपुरी को मुख्य भाषा का दर्जा मिलेगा।

