Wednesday, May 13, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

अब AI बताएगा सरकारी जमीन का रिकॉर्ड:दिलीप जायसवाल बोले-120 दिन से लंबित म्यूटेशन 15 दिन में पूरे होंगे, राजस्व विभाग में आएगी वैकेंसी


बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने लंबित दाखिल-खारिज मामलों, ऑनलाइन सेवाओं की पारदर्शिता और सरकारी जमीन की पहचान को लेकर बड़ा प्रशासनिक अभियान शुरू कर दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर विभाग ने सभी जिलों को सख्त आदेश जारी करते हुए 120 दिनों से अधिक समय से लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों का अगले 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही विभागीय समीक्षा बैठक में ‘अभियान बसेरा’, बिहारभूमि पोर्टल, ऑनलाइन भू-अभिलेख, एआई आधारित सरकारी जमीन पहचान और राजस्व कर्मचारियों के ऑनलाइन स्थानांतरण जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। 120 दिनों से लंबित दाखिल-खारिज मामलों पर सख्ती राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह द्वारा सभी जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि दाखिल-खारिज मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय समीक्षा में यह सामने आया कि कई अंचलों में मामले 75 दिनों की निर्धारित समय-सीमा से भी काफी अधिक समय से लंबित पड़े हैं, जबकि नियमों के अनुसार अविवादित मामलों का निष्पादन 35 दिनों और विवादित मामलों का 75 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य है। विभाग ने सभी जिलों को अंचलवार लंबित मामलों की सूची भेजते हुए जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया है। समाहर्ताओं से कहा गया है कि वे अपने जिले के सभी अंचलाधिकारियों की नियमित समीक्षा करें और प्राथमिकता के आधार पर मामलों का निपटारा सुनिश्चित कराएं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में कोई भी दाखिल-खारिज मामला 75 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए। भूमिहीन परिवारों के लिए अभियान बसेरा की होगी शुरुआत विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने घोषणा की कि जून महीने में वंचित और भूमिहीन परिवारों के लिए “अभियान बसेरा” के तहत राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस बार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। पहले जहां राजस्व कर्मचारी सर्वे कर डेटा उपलब्ध कराते थे, वहीं अब लाभार्थी सीधे पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। सरकारी जमीन की पहचान में एआई तकनीक का इस्तेमाल राज्य सरकार अब सरकारी जमीन की पहचान और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग करेगी। विभाग का मानना है कि एआई आधारित तकनीक से सरकारी जमीनों की सही पहचान, अतिक्रमण की निगरानी और रिकॉर्ड प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी। खासमहल जमीनों की जिलावर सूची तैयार करने का दिया निर्देश इसके अलावा मंत्री ने खासमहल जमीनों की जिलावार सूची तैयार करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि खासमहल श्रेणी की जमीन से संबंधित किसी भी कार्रवाई का अधिकार अंचल अधिकारियों को नहीं होगा। अब केवल ऑनलाइन मिलेगा भू-अभिलेख राजस्व विभाग ने भू-अभिलेख व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला लिया है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अब केवल ऑनलाइन माध्यम से ही भू-अभिलेख जारी किए जाएं। किसी भी परिस्थिति में ऑफलाइन भू-अभिलेख जारी नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऑफलाइन अभिलेख जारी करने की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी पर रोक लगेगी। बिहारभूमि पोर्टल को और मजबूत करने का निर्देश बैठक में बिहारभूमि पोर्टल से संबंधित लगातार मिल रही शिकायतों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने पोर्टल की तकनीकी क्षमता बढ़ाने, सर्वर संबंधी समस्याओं को दूर करने और ऑनलाइन सेवाओं को अधिक सुगम बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अब पूरा विभाग सूचना प्रौद्योगिकी आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ चुका है, इसलिए आईटी सेल को और अधिक मजबूत किया जाएगा। राजस्व कार्यालयों में नई बहाली की तैयारी राजस्व कार्यालयों में कार्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राजस्व लिपिक संवर्ग गठन का प्रस्ताव सरकार को भेजे जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई। इसके साथ ही राजस्व कर्मचारी और अमीन के रिक्त पदों पर जल्द बहाली प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया। अंचल कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण, संसाधनों की कमी और लंबित कार्यों की समीक्षा के लिए समेकित रिपोर्ट तैयार करने को भी कहा गया। विभाग में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अलग आर्थिक अपराध इकाई सेल गठित करने का प्रस्ताव भी मांगा गया है। राजस्व कर्मचारियों के ऑनलाइन स्थानांतरण की नई व्यवस्था राजस्व विभाग ने कर्मचारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। विभागीय पोर्टल को 13 मई 2026 से लाइव कर दिया गया है, जिसके माध्यम से राजस्व कर्मचारी 31 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। विभाग के अनुसार बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग नियमावली, 2025 लागू होने के बाद यह पहली बार है जब राज्य स्तर पर ऑनलाइन स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles