बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर अररिया जिले में 14 मई को हवाई हमले एवं ब्लैकआउट पर आधारित नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन के अनुसार, यह अभ्यास शाम 7 बजे से शुरू होकर 7 बजकर 15 मिनट तक चलेगा। पहले इस अभ्यास का समय 7 बजकर 10 मिनट तक निर्धारित किया गया था, जिसे अब संशोधित कर 15 मिनट कर दिया गया है। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में आम नागरिकों, प्रशासन और विभिन्न विभागों की तत्परता, समन्वय क्षमता तथा प्रतिक्रिया व्यवस्था का परीक्षण करना है। सायरन बजाकर किया जाएगा अलर्ट इस दौरान सायरन बजाकर अलर्ट जारी किया जाएगा, ब्लैकआउट का अभ्यास होगा और हवाई हमले जैसी काल्पनिक आपदा की स्थिति में बचाव, राहत एवं सुरक्षात्मक कार्रवाई का पूर्ण अभ्यास किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक, पुलिस, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग, परिवहन तथा अन्य संबंधित विभाग पूरे समन्वय के साथ इसमें भाग लेंगे। जिलाधिकारी ने बुधवार रात 8 बजे जारी अपील में आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे मॉक ड्रिल के दौरान शांतिपूर्वक प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अभ्यास है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं। स्वयंसेवकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और स्वयंसेवकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अभ्यास के दौरान यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक आवागमन से बचें और निर्देशों का पालन करें। यह मॉक ड्रिल वर्तमान वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं ताकि वास्तविक आपदा या आपात स्थिति में जान-माल की हानि को न्यूनतम रखा जा सके और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। अररिया जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस अभ्यास को गंभीरता से लें और अपने परिवार के साथ सुरक्षा संबंधी बुनियादी बातों को याद रखें। मॉक ड्रिल के दौरान किसी भी संदेह की स्थिति में निकटतम पुलिस स्टेशन या नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया जा सकता है।
अररिया में आज हवाई हमले-ब्लैकआउट पर मॉक ड्रिल:अभ्यास का समय बढ़ाकर 15 मिनट किया गया, सायरन बजाकर किया जाएगा अलर्ट
बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर अररिया जिले में 14 मई को हवाई हमले एवं ब्लैकआउट पर आधारित नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन के अनुसार, यह अभ्यास शाम 7 बजे से शुरू होकर 7 बजकर 15 मिनट तक चलेगा। पहले इस अभ्यास का समय 7 बजकर 10 मिनट तक निर्धारित किया गया था, जिसे अब संशोधित कर 15 मिनट कर दिया गया है। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में आम नागरिकों, प्रशासन और विभिन्न विभागों की तत्परता, समन्वय क्षमता तथा प्रतिक्रिया व्यवस्था का परीक्षण करना है। सायरन बजाकर किया जाएगा अलर्ट इस दौरान सायरन बजाकर अलर्ट जारी किया जाएगा, ब्लैकआउट का अभ्यास होगा और हवाई हमले जैसी काल्पनिक आपदा की स्थिति में बचाव, राहत एवं सुरक्षात्मक कार्रवाई का पूर्ण अभ्यास किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक, पुलिस, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग, परिवहन तथा अन्य संबंधित विभाग पूरे समन्वय के साथ इसमें भाग लेंगे। जिलाधिकारी ने बुधवार रात 8 बजे जारी अपील में आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे मॉक ड्रिल के दौरान शांतिपूर्वक प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अभ्यास है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं। स्वयंसेवकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और स्वयंसेवकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अभ्यास के दौरान यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक आवागमन से बचें और निर्देशों का पालन करें। यह मॉक ड्रिल वर्तमान वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं ताकि वास्तविक आपदा या आपात स्थिति में जान-माल की हानि को न्यूनतम रखा जा सके और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। अररिया जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस अभ्यास को गंभीरता से लें और अपने परिवार के साथ सुरक्षा संबंधी बुनियादी बातों को याद रखें। मॉक ड्रिल के दौरान किसी भी संदेह की स्थिति में निकटतम पुलिस स्टेशन या नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया जा सकता है।
