मुंगेर स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं की उपलब्धता में बिहार में एक बार फिर पहला स्थान प्राप्त किया है। मई माह के पहले सप्ताह की राज्यस्तरीय रैंकिंग में जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर 92.35 प्रतिशत दवाओं की उपलब्धता दर्ज की गई, जिसके आधार पर मुंगेर शीर्ष पर रहा। सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि पहले स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा उपलब्धता की मासिक समीक्षा होती थी। अब राज्य स्तर से साप्ताहिक निगरानी और रैंकिंग जारी की जा रही है। इसे देखते हुए जिला स्तर पर भी सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानक के अनुसार दवाएं हर हाल में उपलब्ध हों। दवा उपलब्धता के मामले में बेहतर प्रदर्शन डीपीएम मो. फैजान आलम अशरफी के अनुसार, बिहार पूरे देश में दवा उपलब्धता के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, और राज्य में मुंगेर ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर 90 से 92 प्रतिशत तक दवाएं उपलब्ध हैं। मरीजों को अस्पतालों में नियमित रूप से दवाओं का वितरण किया जा रहा है। जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में दवा उपलब्धता का प्रतिशत इस प्रकार रहा: सदर अस्पताल में 425 में से 384 दवाएं उपलब्ध थीं। तारापुर अस्पताल में 294 में से 279, धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में 291 में से 271 और संग्रामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में 291 में से 278 दवाएं उपलब्ध पाई गईं।
मुंगेर स्वास्थ्य विभाग दवा उपलब्धता में आया फर्स्ट:मरीजों को मिल रही सभी प्रकार की दवाएं, राज्य स्तर से की जा रही साप्ताहिक निगरानी
मुंगेर स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं की उपलब्धता में बिहार में एक बार फिर पहला स्थान प्राप्त किया है। मई माह के पहले सप्ताह की राज्यस्तरीय रैंकिंग में जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर 92.35 प्रतिशत दवाओं की उपलब्धता दर्ज की गई, जिसके आधार पर मुंगेर शीर्ष पर रहा। सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि पहले स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा उपलब्धता की मासिक समीक्षा होती थी। अब राज्य स्तर से साप्ताहिक निगरानी और रैंकिंग जारी की जा रही है। इसे देखते हुए जिला स्तर पर भी सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानक के अनुसार दवाएं हर हाल में उपलब्ध हों। दवा उपलब्धता के मामले में बेहतर प्रदर्शन डीपीएम मो. फैजान आलम अशरफी के अनुसार, बिहार पूरे देश में दवा उपलब्धता के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, और राज्य में मुंगेर ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर 90 से 92 प्रतिशत तक दवाएं उपलब्ध हैं। मरीजों को अस्पतालों में नियमित रूप से दवाओं का वितरण किया जा रहा है। जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में दवा उपलब्धता का प्रतिशत इस प्रकार रहा: सदर अस्पताल में 425 में से 384 दवाएं उपलब्ध थीं। तारापुर अस्पताल में 294 में से 279, धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में 291 में से 271 और संग्रामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में 291 में से 278 दवाएं उपलब्ध पाई गईं।


