खगड़िया के प्राथमिक विद्यालय जयंती ग्राम औता, गोगरी में आयोजित भारतीय भाषा समर कैंप के तीसरे दिन स्थानीय कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रधान शिक्षक अविनाश कुमार के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान बच्चों को बिहार की प्रसिद्ध मंजूषा कला का प्रशिक्षण दिया गया। विद्यालय की शिक्षिका मधु कुमारी (विद्यार्थी) ने बच्चों को मंजूषा कला की पारंपरिक शैली, रंग संयोजन और चित्रांकन की बारीकियों से अवगत कराया। बच्चों ने उनके मार्गदर्शन में आकर्षक कलाकृतियाँ बनाईं। स्थानीय लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बच्चों ने झिझिया नृत्य की प्रस्तुति भी दी। बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। प्रधान शिक्षक अविनाश कुमार ने बताया कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें अपनी भाषा, संस्कृति और स्थानीय कला से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना का विकास करती हैं। विद्यालय परिवार और अभिभावकों ने शिक्षिका मधु कुमारी (विद्यार्थी) के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मधु कुमारी बच्चों की कलात्मक प्रतिभा को निखारने का सराहनीय कार्य कर रही हैं, जिससे बच्चे नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। समर कैंप के माध्यम से शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति और नैतिक मूल्यों का प्रभावी समावेश बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध हो रहा है।
खगड़िया समर कैंप में बच्चों ने सीखी मंजूषा कला:स्थानीय कला-संस्कृति पर आधारित गतिविधियों में झिझिया नृत्य की प्रस्तुति
खगड़िया के प्राथमिक विद्यालय जयंती ग्राम औता, गोगरी में आयोजित भारतीय भाषा समर कैंप के तीसरे दिन स्थानीय कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रधान शिक्षक अविनाश कुमार के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान बच्चों को बिहार की प्रसिद्ध मंजूषा कला का प्रशिक्षण दिया गया। विद्यालय की शिक्षिका मधु कुमारी (विद्यार्थी) ने बच्चों को मंजूषा कला की पारंपरिक शैली, रंग संयोजन और चित्रांकन की बारीकियों से अवगत कराया। बच्चों ने उनके मार्गदर्शन में आकर्षक कलाकृतियाँ बनाईं। स्थानीय लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बच्चों ने झिझिया नृत्य की प्रस्तुति भी दी। बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। प्रधान शिक्षक अविनाश कुमार ने बताया कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें अपनी भाषा, संस्कृति और स्थानीय कला से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना का विकास करती हैं। विद्यालय परिवार और अभिभावकों ने शिक्षिका मधु कुमारी (विद्यार्थी) के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मधु कुमारी बच्चों की कलात्मक प्रतिभा को निखारने का सराहनीय कार्य कर रही हैं, जिससे बच्चे नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। समर कैंप के माध्यम से शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति और नैतिक मूल्यों का प्रभावी समावेश बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध हो रहा है।


