बामदेव आश्रम में महाशिवरात्रि पूजा का विधि-विधान से समापन:पाकुड़ में भव्य भंडारे का आयोजन, काली मंदिर में तीन दिवसीय पूजा शुरू

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पाकुड़ जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत हरीशपुर गांव खोटापाड़ा स्थित श्री श्री तारा मां बामदेव आश्रम में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम का विधि-विधान के साथ समापन हो गया। इस दौरान सोमवार को आश्रम के बगल में स्थापित मां काली मंदिर में भव्य प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। महाशिवरात्रि और काली पूजा के कारण आसपास के इलाके में भक्तिमय माहौल बना रहा। बामदेव आश्रम में एक भव्य भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। भक्त श्यामल गोस्वामी और मोहन मंडल सहित दर्जनों श्रद्धालुओं ने बताया कि बामदेव आश्रम के बगल में स्थित काली माता मंदिर में महाशिवरात्रि के दूसरे दिन मां काली की प्रतिमा स्थापित कर पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। वहीं, आश्रम के भक्त अम्लान कुसुम सिन्हा ने बताया कि बामदेव आश्रम से बड़ी संख्या में भक्त जुड़े हुए हैं। भव्य मेले का भी आयोजन होता है काली पूजा पश्चिम बंगाल के पुरोहित पार्थो मिश्रा द्वारा संपन्न कराई जाती है। यह पूजा तीन दिनों तक चलती है और इस दौरान एक भव्य मेले का भी आयोजन होता है। इस मेले में पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। काली पूजा को सफल बनाने में गांव के पार्थो मिश्रा, करन मंडल, मधु मंडल,चूनु मंडल, लालकृष्ण मंडल सहित अन्य ग्रामवासियों की सक्रिय भूमिका रहती है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि लगभग 30 से 40 वर्षों से फाल्गुन माह की अमावस्या के दिन मां काली की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है। बामदेव आश्रम में शिवरात्रि महोत्सव दो दिनों तक आयोजित होता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर देर रात से पूजा प्रारंभ होती है, जो अगले दिन सुबह तक चलती है। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया जाता है और फिर भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें सभी तबके के बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।

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