पूर्व रेलवे के आसनसोल रेल मंडल में रविवार को ट्रैक नवीकरण, अनुरक्षण और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया। इस ब्लॉक का असर पूरे रेल परिचालन पर देखने को मिला। इस रूट से गुजरने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। जबकि कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और स्पेशल ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। अचानक लिए गए इस ब्लॉक के कारण यात्रियों की योजनाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गईं। रेलवे की ओर से पहले से व्यापक सूचना व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। सूचना के बावजूद बढ़ी परेशानी मेगा ब्लॉक के कारण जसीडीह स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग अपनी-अपनी ट्रेनों की जानकारी के लिए भटकते नजर आए। रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों की स्थिति की जानकारी पर्चियों पर लिखकर स्टेशन परिसर में चस्पा की, लेकिन यह व्यवस्था यात्रियों के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई। कई यात्री इलाज, परीक्षा, नौकरी या पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे थे, जिन्हें ट्रेन रद्द होने या देरी की सूचना मिलने के बाद भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रियों में इस बात को लेकर नाराजगी भी देखी गई कि उन्हें समय पर और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। कई प्रमुख ट्रेनें घंटों लेट जसीडीह रूट पर डाउन लाइन पर चलने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचीं। 13044 रक्सौल-हावड़ा एक्सप्रेस करीब साढ़े आठ घंटे, 02024 पटना-हावड़ा स्पेशल छह घंटे, 18184 बक्सर-टाटा एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, 13332 पटना-धनबाद एक्सप्रेस तीन घंटे और 13508 गोरखपुर-आसनसोल एक्सप्रेस लगभग छह घंटे विलंब से चलीं। इसके अलावा 63561 आसनसोल-झाझा पैसेंजर ट्रेन को रद्द कर दिया गया। वहीं अप लाइन में 12317 अकाल तख्त एक्सप्रेस सहित कई अन्य ट्रेनें भी रद्द रहीं। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह के ब्लॉक के दौरान समय पर सूचना दी जाए और वैकल्पिक यात्रा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जसीडीह रूट पर मेगा ब्लॉक से रेल परिचालन प्रभावित:रक्सौल-हावड़ा एक्सप्रेस 8.5 घंटे लेट, स्टेशनों पर भीड़, यात्रियों को हुई परेशानी
पूर्व रेलवे के आसनसोल रेल मंडल में रविवार को ट्रैक नवीकरण, अनुरक्षण और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया। इस ब्लॉक का असर पूरे रेल परिचालन पर देखने को मिला। इस रूट से गुजरने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। जबकि कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और स्पेशल ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। अचानक लिए गए इस ब्लॉक के कारण यात्रियों की योजनाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गईं। रेलवे की ओर से पहले से व्यापक सूचना व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। सूचना के बावजूद बढ़ी परेशानी मेगा ब्लॉक के कारण जसीडीह स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग अपनी-अपनी ट्रेनों की जानकारी के लिए भटकते नजर आए। रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों की स्थिति की जानकारी पर्चियों पर लिखकर स्टेशन परिसर में चस्पा की, लेकिन यह व्यवस्था यात्रियों के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई। कई यात्री इलाज, परीक्षा, नौकरी या पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे थे, जिन्हें ट्रेन रद्द होने या देरी की सूचना मिलने के बाद भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रियों में इस बात को लेकर नाराजगी भी देखी गई कि उन्हें समय पर और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। कई प्रमुख ट्रेनें घंटों लेट जसीडीह रूट पर डाउन लाइन पर चलने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचीं। 13044 रक्सौल-हावड़ा एक्सप्रेस करीब साढ़े आठ घंटे, 02024 पटना-हावड़ा स्पेशल छह घंटे, 18184 बक्सर-टाटा एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, 13332 पटना-धनबाद एक्सप्रेस तीन घंटे और 13508 गोरखपुर-आसनसोल एक्सप्रेस लगभग छह घंटे विलंब से चलीं। इसके अलावा 63561 आसनसोल-झाझा पैसेंजर ट्रेन को रद्द कर दिया गया। वहीं अप लाइन में 12317 अकाल तख्त एक्सप्रेस सहित कई अन्य ट्रेनें भी रद्द रहीं। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह के ब्लॉक के दौरान समय पर सूचना दी जाए और वैकल्पिक यात्रा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


