पूर्णिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है। पेट्रोल की कीमत बढ़कर 110 रुपये 13पैसे और डीजल की कीमत 96 रुपये 09 पैसे हो गई है। दोनों ईंधनों के दामों में लगभग 3 रुपये 50 पैसे की वृद्धि दर्ज की गई है। ईंधन की कीमतें बढ़ने से यातायात और ट्रांसपोर्टेशन लागत में इजाफा हुआ है। इसका असर रसोई से लेकर रोजमर्रा की लगभग हर वस्तु पर दिख रहा है। खाद्य पदार्थों के दाम भी बढ़ने से घरों का मासिक बजट बिगड़ रहा है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर सामान्य से कम भीड़ देखी गई। तेल का दाम बढ़ने के बाद पंप पर बिक्री में भी गिरावट आई है। स्थानीय नागरिक रितेश झा और सूरज शर्मा ने बताया कि कीमतों में और वृद्धि की आशंका के चलते उन्होंने पहले ही अपने वाहनों में ईंधन भरवा लिया था। वहीं, वाहन चालक अनिल कुमार चौधरी ने लगातार बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मूल्यवृद्धि पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और वैश्विक आर्थिक दबाव के कारण भारत भी प्रभावित हुआ है, हालांकि अन्य देशों की तुलना में यहां स्थिति अभी भी कुछ हद तक नियंत्रित है। दूसरी ओर, आम लोगों ने चिंता जताई कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ गया है, जिसका सीधा असर बस, ऑटो और अन्य सार्वजनिक वाहनों के किराए पर पड़ा है। अब कहीं भी आने-जाने में पहले से अधिक खर्च करना पड़ रहा है। जनता ने सरकार से अपील की है कि बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर बिक्रि में गिरावट:लोगों का बजट प्रभावित, ट्रांस्पोर्टेशन महंगा हुआ
पूर्णिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है। पेट्रोल की कीमत बढ़कर 110 रुपये 13पैसे और डीजल की कीमत 96 रुपये 09 पैसे हो गई है। दोनों ईंधनों के दामों में लगभग 3 रुपये 50 पैसे की वृद्धि दर्ज की गई है। ईंधन की कीमतें बढ़ने से यातायात और ट्रांसपोर्टेशन लागत में इजाफा हुआ है। इसका असर रसोई से लेकर रोजमर्रा की लगभग हर वस्तु पर दिख रहा है। खाद्य पदार्थों के दाम भी बढ़ने से घरों का मासिक बजट बिगड़ रहा है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर सामान्य से कम भीड़ देखी गई। तेल का दाम बढ़ने के बाद पंप पर बिक्री में भी गिरावट आई है। स्थानीय नागरिक रितेश झा और सूरज शर्मा ने बताया कि कीमतों में और वृद्धि की आशंका के चलते उन्होंने पहले ही अपने वाहनों में ईंधन भरवा लिया था। वहीं, वाहन चालक अनिल कुमार चौधरी ने लगातार बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मूल्यवृद्धि पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और वैश्विक आर्थिक दबाव के कारण भारत भी प्रभावित हुआ है, हालांकि अन्य देशों की तुलना में यहां स्थिति अभी भी कुछ हद तक नियंत्रित है। दूसरी ओर, आम लोगों ने चिंता जताई कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ गया है, जिसका सीधा असर बस, ऑटो और अन्य सार्वजनिक वाहनों के किराए पर पड़ा है। अब कहीं भी आने-जाने में पहले से अधिक खर्च करना पड़ रहा है। जनता ने सरकार से अपील की है कि बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।


