मुंगेर में सोमवार को जिलाधिकारी (डीएम) निखिल धनराज निप्पणीकर ने नगर निगम सभागार में एक आकस्मिक समीक्षा बैठक की। इस बैठक की अध्यक्षता मेयर कुमकुम देवी ने की, जबकि उपनगर आयुक्त नसीम ने इसका संचालन किया। बैठक में नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता, उपनगर आयुक्त खालिद हुसैन, सिटी मैनेजर, निगम कर्मी और वार्ड पार्षद उपस्थित थे। समीक्षा बैठक के दौरान निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में पेयजल आपूर्ति की समस्या प्रमुख मुद्दा रही। वार्ड नंबर 1, 8, 10, 11 और 12-13 में पीएचडी द्वारा बिछाई गई पाइपलाइन के बावजूद 15,000 से अधिक घरों में पानी की समस्या बनी हुई है, जिससे गर्मी के दिनों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, निगम क्षेत्र के कई वार्डों में अभी तक पेयजल पाइपलाइन बिछाई ही नहीं गई है। राज्य स्तरीय बोर्डों की एक टीम मुंगेर का दौरा करेगी
गर्मी में पानी की समस्या के समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। इस संबंध में, गुरुवार को केंद्रीय और राज्य स्तरीय बोर्डों की एक टीम मुंगेर का दौरा करेगी। यह टीम पेयजल समस्या के साथ-साथ नगर निगम क्षेत्र की अन्य समस्याओं का भी सर्वेक्षण करेगी। इस दौरान नगर निगम आयुक्त, मेयर, वार्ड पार्षद और कनीय अभियंता भी टीम के साथ मौजूद रहेंगे। डीएम ने बैठक में सख्त निर्देश दिए कि सर्वेक्षण के लिए आने वाली टीम विभिन्न वार्डों का जायजा लेगी। उन्होंने सभी वार्ड पार्षदों को अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को टीम के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अधिकारियों पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। नगर आयुक्त को बैठक की सूचना पहले ही दी जा चुकी थी, इसके बावजूद कई अधिकारी अनुपस्थित रहे। इस पर डीएम ने बुडको के कनीय अभियंता (जेई) का वेतन रोकने का निर्देश दिया। इसके अलावा, शहर में लगातार कूड़ा उठाव न होने और गंदगी को देखते हुए डीएम ने स्वच्छता प्रभारी के स्थानांतरण का भी निर्देश दिया।

