भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। बीते पांच दिनों में यह दूसरी बार है, जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। मंगलवार को पेट्रोल-डीजल के दाम 90 पैसे और बढ़ गए। इससे पहले शुक्रवार को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया था। वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा के कारण ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। ईरान में चल रहे संघर्ष को इसका एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। नई दरें लागू कर दी गई बढ़ी हुई कीमतों का असर झारखंड के विभिन्न जिलों में भी देखा जा रहा है। राजधानी रांची सहित कई जिलों में नई दरें लागू कर दी गई हैं। बीते पांच दिनों में पेट्रोल-डीजल की हुई बढ़ोतरी से अब आम जन जीवन पर इसका प्रभाव पड़ने लगा है। कोडरमा के एक पेट्रोल पंप पर आए युवक श्यामजीत कुमार ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों के असर सीधे तौर पर उनके जेब पर पड़ रहा है। पहले जहां 15 से 16 सौ रुपए के पेट्रोल में महीने भर गुजारा हो जाया करता था, वहीं अब उन्हें महिला भर की पेट्रोल के लिए 2 हजार रुपए तक का पेट्रोल लेना पड़ेंगा। वहीं, आलोक शर्मा ने बताया कि पेट्रोल और डीजल के कीमतों में हुए बढ़ोतरी से खासा प्रभाव पड़ा है। इससे न केवल बाइक या कार चलाने वालों, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में उपयोग होने वाली चीजों पर भी असर देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस ओर पहल करने की आवश्यकता है। बता दें कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का रोजमर्रा के इस्तेमाल की सभी चीजों की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है। छोटे व्यापारियों, ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़े लोगों, पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर निर्भर लोगों और रोजाना अपने निजी वाहन में इस्तेमाल करने वालों को इस बढ़ोतरी का सीधा असर झेलना पड़ेगा। इधर, जमशेदपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पांच दिनों के भीतर दूसरी बार बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार, 19 मई से पेट्रोल और डीजल औसतन 90-90 पैसे प्रति लीटर महंगे हो गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद जमशेदपुर में पेट्रोल का दाम 101.73 और डीजल का दाम 96.66 रुपए प्रति लीटर हो गया है। इससे पहले, 15 मई को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 3-3 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की थी। ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। खासकर, रोजाना बाइक और कार से आवागमन करने वालों का मासिक खर्च बढ़ गया है। इसके साथ ही, परिवहन लागत में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका है। पंपों पर भीड़ कम हो गई
धनबाद में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि की गई है। पांच दिनों के भीतर यह दूसरी बार है, जब ईंधन के दाम बढ़े हैं। हालांकि, इस बढ़ोतरी के बावजूद शहर में फिलहाल इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है और स्थिति सामान्य बनी हुई है। कीमतों में वृद्धि के बावजूद, धनबाद के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर स्थिति सामान्य बनी हुई है। कुछ दिन पहले जहां पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए भारी भीड़ और लंबी कतारें देखी जा रही थीं, वहीं अब पंपों पर भीड़ कम हो गई है। वाहन चालक सामान्य रूप से ईंधन भरवा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बार हुई बढ़ोतरी से उन्हें फिलहाल ज्यादा परेशानी नहीं हो रही है। लोगों के अनुसार, पहले भी पेट्रोल और डीजल के दाम करीब तीन रुपए तक बढ़ चुके हैं। कुछ लोगों ने अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि अन्य देशों की तुलना में भारत में ईंधन की कीमतें अभी भी नियंत्रित हैं। आम लोगों की बढ़ी परेशानी गिरीडीह जिले में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हाल के दिनों में दो बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। खासकर रोज कमाकर खाने वाले मजदूर और मध्यम वर्ग के लोग इससे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। वर्तमान में गिरीडीह में पेट्रोल का दाम 102.52 रुपए प्रति लीटर, पावर पेट्रोल 112.14 रुपए प्रति लीटर तथा डीजल 97.39 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। हालांकि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर तेल की कोई कमी नहीं है। लोग आसानी से पेट्रोल और डीजल ले रहे हैं और पहले की तरह लंबी लाइन की समस्या भी फिलहाल नहीं देखी जा रही है। स्थानीय लोगों मिथुन और गोलू ने बताया कि लगातार बढ़ रहे तेल के दाम से गरीब मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि रोज हाजिरी पर काम करने वाले मजदूरों को 200 से 300 रुपए तक की मजदूरी मिलती है। ऐसे में यदि उन्हें दूर जाकर काम करना पड़े तो कमाई का बड़ा हिस्सा पेट्रोल में ही खर्च हो जाता है। इससे घर चलाना मुश्किल हो रहा है। आम उपभोक्ताओं का बजट बिगाड़ दिया जामताड़ा में मंगलवार को पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 97.04 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई। बीते पांच दिनों में दूसरी बार तेल के दाम बढ़ने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। इससे पहले भी करीब तीन रुपए की बढ़ोतरी हुई थी और अब 90 पैसे प्रति लीटर की नई वृद्धि ने आम उपभोक्ताओं का बजट बिगाड़ दिया है। बढ़ती महंगाई के बीच तेल की कीमतों में इजाफे से आम जनता परेशान है। लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सब्जी, राशन और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ रहे हैं। पेट्रोल लेने पहुंचे उपभोक्ता राहुल कुमार ने कहा कि सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, क्योंकि पहले से महंगाई झेल रही जनता पर इसका अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। वहीं, हराधन यादव ने कहा कि गरीब और किसान वर्ग के लिए वाहन चलाना मुश्किल होता जा रहा है तथा तेल लेने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है।

