Wednesday, May 20, 2026

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Loan trap on social media

रांची1 घंटे पहलेलेखक: चंदन चौधरी

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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

फाइल फोटो

  • 5000 रु. की जगह 3000 भेजते हैं और वसूलते हैं 8-10 हजार रुपए तक
  • मिनटों में कर्ज, फिर ब्लैकमेलिंग

सोशल मीडिया और मोबाइल एप के जरिए मिलने वाले इंस्टेंट लोन के जाल में राजधानी के युवा बड़ी आसानी से फंस रहे हैं। कॉलेज स्टूडेंट, नौकरी की तैयारी कर रहे युवा और कम सैलरी वाले कर्मचारी सबसे ज्यादा निशाने पर हैं। रांची में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां छोटी रकम का लोन लेने वाले लोगों से तिगुना ब्याज वसूला जा रहा है। कई मामलों में 5 हजार रुपए के बदले केवल 3 हजार रुपए खाते में भेजे गए हैं, लेकिन वसूली 8-10 हजार रुपए तक की गई है।

मूलधन बाकी रहने पर साइबर ठग उनके निजी फोटो एडिट कर अश्लील तस्वीरें और मैसेज वायरल करने की धमकी दे रहे हैं। कुछ मामलों में तो लोग बिना लोन लिए ही इसका शिकार हो गए हैं। दरअसल, साइबर फ्रॉड लोन लेने वालों के फोनबुक से संबंधित लोगों के फोन नंबर निकाल ले रहे हैं और पैसे की रिकवरी के लिए उन्हें फोन कर रहे हैं। लड़कियों और महिलाओं की तस्वीर का गलत इस्तेमाल करते हैं।

समझें… कैसे ठगों के जाल में फंस रहे लोग

केस – 1

5000 के लोन पर 16000 रु. ब्याज वसूले

सुखदेव नगर थाना क्षेत्र की रहने वाली धृति कुमारी (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उसने एप से 5000 रुपए का लोन लिया था। साइबर ठग अब तक उससे ब्याज के रूप में 16 हजार रुपए वसूल चुके हैं, बावजूद उसपर पैसे वापस करने का दबाव बना रहे हैं। उसकी तस्वीर को एडिट कर अश्लील फोटो बनाकर परिचितों को भेजा जा रहा है।

केस – 2

दोस्त ने लिया था लोन, शिकार बनी उसकी दोस्त

डंगरा टोली के एक हॉस्टल में रहने वाली रिमी कुमारी (बदला हुआ नाम) के दोस्त ने इंस्टेंट लोन ऐप से कर्ज लिया था, जिसके बाद ठगों ने उसके मोबाइल से रिमी का नंबर निकाल लिया और व्हाट्सएप पर अश्लील संदेश भेजने लगे। लगातार गंदे मैसेज भेज मानसिक दबाव बना रहे थे। तंग आकर रिमी लालपुर थाना पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई।

क्या कहता है आरबीआई : कोई भी लोन एप अब आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट, गैलरी या फाइल्स का एक्सेस नहीं मांग सकता। वे केवल कैमरा या माइक का एक्सेस (केवाईसी के लिए) ले सकते हैं।

भास्कर एक्सपर्ट- मुकेश चौधरी

एप में परमिशन अच्छी तरह से देख कर दें…

लोन लेने से पहले एप्लीकेशन के बारे में गूगल पर अच्छी तरह से जांच कर लें। एप में परमिशन अच्छी तरह से देख कर दें। फोटो गैलरी, फोन बुक समेत पर्सनल चीजों का परमिशन न दें।

लोन एप से बचने के लिए क्या करें

  • अनजान एप डाउनलोड न करें
  • एप की आरबीआई रजिस्ट्रेशन की जांच करें
  • लोन देने वाली कंपनी का नाम और रजिस्ट्रेशन आरबीआई के वेबसाइट पर चेक करें
  • फोन कॉन्टैक्ट और गैलरी की परमिशन न दें
  • आसान व तुरंत लोन के झांसे में न आएं
  • 5 मिनट में लोन, बिना दस्तावेज लोन, जैसे ऑफर अक्सर जोखिम भरे होते हैं।

शिकायत… कैसे और कहां करें

  • नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल : तुरंत www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
  • हेल्पलाइन नंबर 1930 : किसी भी फाइनेंशियल फ्रॉड की स्थिति में तुरंत ‘1930’ डायल करें। यह भारत सरकार की हेल्पलाइन है।
  • सचेत पोर्टल : फर्जी एप की जानकारी RBI के ‘सचेत’ पोर्टल (sachet.rbi.org.in) पर दें।
  • लोकल पुलिस : अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में लिखित शिकायत दें।

तुरंत करें ब्लैकमेलिंग की शिकायत

यदि आप ठगी के शिकार होते हैं और कोई आपको ब्लैकमेल कर रहा है, तो फौरन इसकी सूचना साइबर थाने में दें। 1930 पर जानकारी साझा करें। किसी तरह का थ्रेट कॉल और मैसेज आए, तो पैनिक न हों, इग्नोर करें। -श्रीनिवास श्रीवास्तव, साइबर डीएसपी

इधर, फ्रॉड ने नगर आयुक्त का बना दिया फेक अकाउंट

रांची नगर निगम के नगर आयुक्त सुशांत गौरव के नाम और पद का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। निगम प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क करते हुए बताया है कि विदेशी नंबर +84 566696967 से नगर आयुक्त बनकर लोगों को व्हाट्सएप मैसेज भेजे जा रहे हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि यह नंबर पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। नगर आयुक्त का आधिकारिक मोबाइल नंबर +91 9431115814 है। किसी अन्य नंबर से नगर आयुक्त के नाम पर कॉल आने पर लोग सतर्क रहें।

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