मोतिहारी में जेल में बंद अपराधियों को नाबालिग साबित करने के एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इस मामले में नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन शिक्षकों को गिरफ्तार किया है। ये शिक्षक फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र तैयार कर बालिग अपराधियों को किशोर न्याय अधिनियम का लाभ दिलाने की कोशिश करते थे, ताकि उन्हें रिमांड होम भेजा जा सके। यह फर्जीवाड़ा चिरैया थाना कांड संख्या-126/22 के अभियुक्त भोला कुमार उर्फ भोला साह को नाबालिग साबित करने के प्रयास से जुड़ा है। उसके फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज किशोर न्याय परिषद, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के न्यायालय में प्रस्तुत किए गए थे। दस्तावेजों पर संदेह होने के बाद परिषद ने नगर थाना में आवेदन दिया, जिसके आधार पर कांड संख्या-453/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। 3 शिक्षक ने मिलकर रची थी साजिश नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन के नेतृत्व में हुई जांच में फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगीं। अनुसंधान के दौरान पता चला कि परेवा निवासी सरकारी शिक्षक सुबोध कुमार पाठक, एक अन्य शिक्षक भोला कुमार और एक सरकारी शिक्षिका ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया था। इन लोगों ने फर्जी स्कूल प्रमाणपत्र तैयार किए, जिनमें अभियुक्त की उम्र कम दिखाकर उसे नाबालिग साबित करने की कोशिश की गई। थानाध्यक्ष के नेतृत्व में तीनों गिरफ्तार मामले की पुष्टि होने के बाद नगर थाना के अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी कर तीनों आरोपित शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिससे संकेत मिलता है कि इस फर्जीवाड़े का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, ऐसे अन्य मामलों की भी समीक्षा की जा रही है, जहां फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरोपियों को नाबालिग दिखाया गया हो।
मोतिहारी में फर्जी सर्टिफिकेट गिरोह का पर्दाफाश:बालिगों को नाबालिग बनाने वाले तीन शिक्षक गिरफ्तार, न्याय परिषद ने संदेह पर दिया था आवेदन
मोतिहारी में जेल में बंद अपराधियों को नाबालिग साबित करने के एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इस मामले में नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन शिक्षकों को गिरफ्तार किया है। ये शिक्षक फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र तैयार कर बालिग अपराधियों को किशोर न्याय अधिनियम का लाभ दिलाने की कोशिश करते थे, ताकि उन्हें रिमांड होम भेजा जा सके। यह फर्जीवाड़ा चिरैया थाना कांड संख्या-126/22 के अभियुक्त भोला कुमार उर्फ भोला साह को नाबालिग साबित करने के प्रयास से जुड़ा है। उसके फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज किशोर न्याय परिषद, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के न्यायालय में प्रस्तुत किए गए थे। दस्तावेजों पर संदेह होने के बाद परिषद ने नगर थाना में आवेदन दिया, जिसके आधार पर कांड संख्या-453/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। 3 शिक्षक ने मिलकर रची थी साजिश नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन के नेतृत्व में हुई जांच में फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगीं। अनुसंधान के दौरान पता चला कि परेवा निवासी सरकारी शिक्षक सुबोध कुमार पाठक, एक अन्य शिक्षक भोला कुमार और एक सरकारी शिक्षिका ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया था। इन लोगों ने फर्जी स्कूल प्रमाणपत्र तैयार किए, जिनमें अभियुक्त की उम्र कम दिखाकर उसे नाबालिग साबित करने की कोशिश की गई। थानाध्यक्ष के नेतृत्व में तीनों गिरफ्तार मामले की पुष्टि होने के बाद नगर थाना के अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी कर तीनों आरोपित शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिससे संकेत मिलता है कि इस फर्जीवाड़े का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, ऐसे अन्य मामलों की भी समीक्षा की जा रही है, जहां फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरोपियों को नाबालिग दिखाया गया हो।
