समस्तीपुर के ताजपुर में आज अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले मजदूरों और किसानों ने देशव्यापी मजदूर हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रखंड की अलग-अलग पंचायतों से आए मजदूरों ने जनता मैदान में एकत्रित होकर जुलूस निकाला और सरकार विरोधी नारे लगाए। यह जुलूस जनता मैदान से शुरू होकर ताजपुर बाजार के विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला पोखर चौक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए मनरेगा को मजबूत करने, महंगाई पर नियंत्रण लगाने और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की मांग की। इस दौरान “मजदूर एकता जिंदाबाद”, “मनरेगा बचाओ” और “चार लेबर कोड वापस लो” जैसे नारे लगाए गए। मजदूर विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेहनतकश जनता का जीवन संकट में है, मनरेगा जैसी योजनाएं कमजोर की जा रही हैं और मजदूरों के अधिकारों पर हमला हो रहा है। सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार मजदूरों और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रतिदिन 700 रुपये मजदूरी देने की मांग भाकपा माले जिला कमेटी सदस्य आसिफ होदा ने भी सभा को संबोधित किया और कई मांगें रखीं। उन्होंने मनरेगा को बहाल करने, चार लेबर कोड वापस लेने, मजदूरों को प्रतिदिन 700 रुपये मजदूरी देने और साल में अधिक दिनों तक काम उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने आंदोलनरत मजदूरों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और जेल में बंद मजदूर नेताओं व कार्यकर्ताओं की रिहाई की भी मांग उठाई। खेग्रामस प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों से गरीब और मजदूर परिवारों का जीवन प्रभावित हो रहा है। सरकार को आम जनता को राहत देने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। सभा का संचालन मो. एजाज ने किया। उन्होंने कहा कि मजदूरों और किसानों के हक और सम्मान की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर, किसान, भाकपा माले और खेग्रामस कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान लखींद्र पासवान, मो० इस्लाम, राजकिशोर महतो और वीरेंद्र सिंह समेत कई लोग उपस्थित थे।
समस्तीपुर में मजदूरों-किसानों ने किया प्रदर्शन:देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में विरोध, कहा- रोजाना 700 रुपये मजदूरी मिले
समस्तीपुर के ताजपुर में आज अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले मजदूरों और किसानों ने देशव्यापी मजदूर हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रखंड की अलग-अलग पंचायतों से आए मजदूरों ने जनता मैदान में एकत्रित होकर जुलूस निकाला और सरकार विरोधी नारे लगाए। यह जुलूस जनता मैदान से शुरू होकर ताजपुर बाजार के विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला पोखर चौक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए मनरेगा को मजबूत करने, महंगाई पर नियंत्रण लगाने और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की मांग की। इस दौरान “मजदूर एकता जिंदाबाद”, “मनरेगा बचाओ” और “चार लेबर कोड वापस लो” जैसे नारे लगाए गए। मजदूर विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेहनतकश जनता का जीवन संकट में है, मनरेगा जैसी योजनाएं कमजोर की जा रही हैं और मजदूरों के अधिकारों पर हमला हो रहा है। सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार मजदूरों और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रतिदिन 700 रुपये मजदूरी देने की मांग भाकपा माले जिला कमेटी सदस्य आसिफ होदा ने भी सभा को संबोधित किया और कई मांगें रखीं। उन्होंने मनरेगा को बहाल करने, चार लेबर कोड वापस लेने, मजदूरों को प्रतिदिन 700 रुपये मजदूरी देने और साल में अधिक दिनों तक काम उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने आंदोलनरत मजदूरों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और जेल में बंद मजदूर नेताओं व कार्यकर्ताओं की रिहाई की भी मांग उठाई। खेग्रामस प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों से गरीब और मजदूर परिवारों का जीवन प्रभावित हो रहा है। सरकार को आम जनता को राहत देने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। सभा का संचालन मो. एजाज ने किया। उन्होंने कहा कि मजदूरों और किसानों के हक और सम्मान की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर, किसान, भाकपा माले और खेग्रामस कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान लखींद्र पासवान, मो० इस्लाम, राजकिशोर महतो और वीरेंद्र सिंह समेत कई लोग उपस्थित थे।


