उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड की राशि का सीधा लाभ फैक्ट्री और माइन्स से प्रभावित क्षेत्र के लोगों को मिलना चाहिए। बुधवार को रांची में आयोजित ‘सीएसआर कॉनक्लेव 2026’ को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्राथमिकता राज्य का विकास है और सीएसआर राशि का शत-प्रतिशत उपयोग स्थानीय लोगों की स्थिति सुधारने तथा रोजगार के अवसर पैदा करने में होना चाहिए। मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में विवाह भवन जैसी बुनियादी जरूरतों के निर्माण का सुझाव दिया और घोषणा की कि इसकी निगरानी के लिए जल्द ही एक मॉनिटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। कॉनक्लेव में उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर राशि खर्च करने पर जोर दिया। वहीं, उद्योग निदेशक विशाल सागर ने सीएसआर की शर्तों की जानकारी देते हुए बतलाया कि इसमें नेट वर्थ 500 करोड़ और टर्न ओवर 1000 करोड़ और प्रॉफिट 5 करोड़ सालाना की कंपनी सीएसआर के दायरे में आती है।
सीएसआर फंड प्रभावित क्षेत्र के लोगों के विकास कार्यों में हो खर्च : मंत्री
उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड की राशि का सीधा लाभ फैक्ट्री और माइन्स से प्रभावित क्षेत्र के लोगों को मिलना चाहिए। बुधवार को रांची में आयोजित ‘सीएसआर कॉनक्लेव 2026’ को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्राथमिकता राज्य का विकास है और सीएसआर राशि का शत-प्रतिशत उपयोग स्थानीय लोगों की स्थिति सुधारने तथा रोजगार के अवसर पैदा करने में होना चाहिए। मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में विवाह भवन जैसी बुनियादी जरूरतों के निर्माण का सुझाव दिया और घोषणा की कि इसकी निगरानी के लिए जल्द ही एक मॉनिटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। कॉनक्लेव में उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर राशि खर्च करने पर जोर दिया। वहीं, उद्योग निदेशक विशाल सागर ने सीएसआर की शर्तों की जानकारी देते हुए बतलाया कि इसमें नेट वर्थ 500 करोड़ और टर्न ओवर 1000 करोड़ और प्रॉफिट 5 करोड़ सालाना की कंपनी सीएसआर के दायरे में आती है।

