देवघर कॉलेज में 10 दिवसीय एनसीसी युवा आपदा मित्रा योजना (YAMS-2026) प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ है। 36 झारखंड बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में आयोजित यह शिविर 18 मई से 27 मई 2026 तक चलेगा। इसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से कुल 391 एनसीसी कैडेट हिस्सा ले रहे हैं। इन कैडेटों में देवघर जिले से 200, दुमका से 135 और गिरिडीह जिले से 56 प्रतिभागी शामिल हैं। कैडेटों में इस प्रशिक्षण को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। शिविर के दौरान कैडेट को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, राहत एवं बचाव कार्य, आपातकालीन प्रक्रिया, भीड़ प्रबंधन, संचार व्यवस्था और सामुदायिक सहायता का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण एसडीआरएफ टीम के विशेषज्ञों द्वारा प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए तैयार करना है। इससे वे किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपातकालीन परिस्थिति में प्रथम प्रतिक्रिया दल के रूप में कार्य कर सकेंगे। शिविर के उद्घाटन अवसर पर कैंप कमांडेंट कर्नल संजय कंडवाल, सेना मेडल ने कैडेटों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आपदाएं केवल व्यवस्थाओं की नहीं, बल्कि मानवता की भी परीक्षा लेती हैं। उन्होंने कैडेटों से अनुशासन बनाए रखने और प्रत्येक प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कर्नल कंडवाल ने जोर दिया कि यहां प्राप्त प्रशिक्षण भविष्य में लोगों की जान बचाने, संकटग्रस्त परिवारों को सहारा देने और समाज के लिए आशा की किरण बनने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट केवल शिविर के प्रतिभागी नहीं, बल्कि भविष्य के जिम्मेदार नागरिक और समाज के रक्षक हैं। शिविर के सफल संचालन में सूबेदार मेजर अजय कुमार, एएनओ मेजर राजेश कुमार सिंह, लेफ्टिनेंट रणजीत सिंह, जीसीआई अस्मिता जैन, प्रियंका सिंह और अन्य पीआई स्टाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
देवघर कॉलेज में एनसीसी आपदा प्रबंधन शिविर शुरू:391 कैडेटों को मिलेगा विशेष बचाव एवं राहत प्रशिक्षण
देवघर कॉलेज में 10 दिवसीय एनसीसी युवा आपदा मित्रा योजना (YAMS-2026) प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ है। 36 झारखंड बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में आयोजित यह शिविर 18 मई से 27 मई 2026 तक चलेगा। इसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से कुल 391 एनसीसी कैडेट हिस्सा ले रहे हैं। इन कैडेटों में देवघर जिले से 200, दुमका से 135 और गिरिडीह जिले से 56 प्रतिभागी शामिल हैं। कैडेटों में इस प्रशिक्षण को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। शिविर के दौरान कैडेट को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, राहत एवं बचाव कार्य, आपातकालीन प्रक्रिया, भीड़ प्रबंधन, संचार व्यवस्था और सामुदायिक सहायता का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण एसडीआरएफ टीम के विशेषज्ञों द्वारा प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए तैयार करना है। इससे वे किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपातकालीन परिस्थिति में प्रथम प्रतिक्रिया दल के रूप में कार्य कर सकेंगे। शिविर के उद्घाटन अवसर पर कैंप कमांडेंट कर्नल संजय कंडवाल, सेना मेडल ने कैडेटों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आपदाएं केवल व्यवस्थाओं की नहीं, बल्कि मानवता की भी परीक्षा लेती हैं। उन्होंने कैडेटों से अनुशासन बनाए रखने और प्रत्येक प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कर्नल कंडवाल ने जोर दिया कि यहां प्राप्त प्रशिक्षण भविष्य में लोगों की जान बचाने, संकटग्रस्त परिवारों को सहारा देने और समाज के लिए आशा की किरण बनने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट केवल शिविर के प्रतिभागी नहीं, बल्कि भविष्य के जिम्मेदार नागरिक और समाज के रक्षक हैं। शिविर के सफल संचालन में सूबेदार मेजर अजय कुमार, एएनओ मेजर राजेश कुमार सिंह, लेफ्टिनेंट रणजीत सिंह, जीसीआई अस्मिता जैन, प्रियंका सिंह और अन्य पीआई स्टाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


