Thursday, July 9, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

दरभंगा में शादीशुदा नाबालिग लापता, हत्या का आरोप:पिता बोले- दहेज के लिए मर्डर हुआ, पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही


दरभंगा के कमतौल थाना क्षेत्र में नाबालिग विवाहिता के लापता होने और हत्या की आशंका है। दहेज उत्पीड़न, नाबालिग से जबरन शादी, गर्भावस्था और संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने के आरोपों के बीच पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पिछले दिनों अहियारी दक्षिणी स्थित एक तालाब में गोताखोरों को उतारकर शव की तलाश कराई गई, हालांकि कोई सुराग हाथ नहीं लगा। थाने में मामला दर्ज है। मौके पर कमतौल सर्किल इंस्पेक्टर रामेश्वर साफी, थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, अपर थानाध्यक्ष राहुल कुमार और एएसआई ललन कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल के आसपास वैज्ञानिक तरीके से जांच कर चुकी है। प्रेम जाल में फंसाकर नाबालिग से शादी का आरोप पीड़िता के पिता के दिए गए आवेदन में कहा गया है कि उनकी 17 साल की नाबालिग बेटी को गांव के ही राजन कुमार ने प्रेम जाल में फंसाकर 22 दिसंबर 2025 को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया और उसी दिन मंदिर में जबरन शादी कर ली। परिजनों को इसकी जानकारी बाद में फोन पर दी गई। आरोप है कि शादी के बाद युवती को दिल्ली ले जाया गया और 1 महीने बाद वह अपने पति के साथ ससुराल लौट आई। परिवार का कहना है कि गांव के लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों ने “समाज की बात” कहकर उस समय मामला दबा दिया और भरोसा दिलाया कि लड़की को ठीक से रखा जाएगा। इसी कारण प्रारंभिक दौर में पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। चार लाख रुपये और तीन भर सोने की मांग पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ महीनों बाद उनकी बेटी ने फोन कर बताया था कि ससुराल वाले ₹4 लाख नकद और तीन भर सोना दहेज में मांग रहे हैं। दहेज नहीं मिलने पर उसके साथ लगातार मानसिक, शारीरिक और आर्थिक प्रताड़ना की जा रही थी। परिजनों के अनुसार, लड़की उस समय दो से तीन महीने की गर्भवती भी थी। परिवार का आरोप है कि 14 अप्रैल को युवती के साथ मारपीट की गई थी। इसके दो दिन बाद 16 अप्रैल को लड़की के ददिया ससुर तेजू राय ने फोन कर बताया कि वह घर से भाग गई है। लेकिन परिवार को इस कहानी पर भरोसा नहीं हुआ। परिजनों का कहना है कि यदि लड़की जीवित होती तो अब तक किसी न किसी माध्यम से घर लौट आती। उन्हें आशंका है कि उसकी हत्या कर शव को कहीं छिपा दिया गया है या दफना दिया गया है। “गड्ढा खोदकर शव दफनाने” की आशंका पीड़िता के पिता ने आवेदन में दावा किया है कि खोजबीन के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि आरोपियों ने साजिश के तहत उनकी बेटी की हत्या कर शव को गड्ढे में दफना दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने मिलकर मामले को दबाने की कोशिश की। परिवार का कहना है कि 16 अप्रैल को एक आवेदन पर उनसे बिना पढ़कर सुनाए हस्ताक्षर करा लिए गए थे। बाद में सच्चाई का पता चलने पर 17 अप्रैल को उन्होंने दोबारा थाना में लिखित शिकायत दी। आरोपी फरार, घरों में लटका मिला ताला आरोपितों के घर पर पुलिस पहुंची, तो सभी घरों में ताला लटका मिला।सिर्फ मवेशी बंधे थे, लेकिन परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। स्थानीय लोग दबी जुबान में युवती की हत्या की आशंका जता रहे हैं। मामले में राजन कुमार, उसके पिता विनय राय, मां वीणा देवी, दादा तेजू यादव, चचिया ससुर सोनू राय और अनिल राय उर्फ राजा को आरोपित बनाया गया है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। “हम दर-दर भटक रहे, पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई” पीड़िता की मां ने भावुक होकर कहा कि वह डीएम, एसएसपी, डीएसपी और थाना तक का चक्कर लगा चुकी हैं। लेकिन अब तक उनकी बेटी का कोई पता नहीं चला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। मां ने कहा है कि “हम गरीब लोग हैं, हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मेरी बच्ची को जिंदा या मुर्दा खोजकर हमें दे दीजिए। अगर पुलिस मदद नहीं करेगी तो हम मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे।” पिता ने कहा कि एक महीने से अधिक समय बीत चुका है लेकिन न तो शव बरामद हुआ और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर से उनका भरोसा उठता जा रहा है।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग, डीआईजी मिथिला क्षेत्र, डीएम और गृह सचिव तक शिकायत भेजी है। सीबीआई जांच की मां पीड़िता की मौसी और अन्य परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि स्थानीय पुलिस आरोपी पक्ष से मिली हुई है और पैसे लेकर कार्रवाई में ढिलाई बरत रही है। कमतौल एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित की जा रही है। डॉग स्क्वायड, एफएसएल टीम और तकनीकी जांच की मदद ली जा रही है। लड़की की तस्वीर आसपास के जिलों में भी भेजी गई है। एसडीपीओ ने कहा कि अब तक जांच में हत्या के ठोस सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच चल रही है। पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट भी जोड़ा है, क्योंकि लड़की नाबालिग है। उन्होंने बताया कि अगर आरोपी जल्द आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो न्यायालय के आदेश पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। अपर थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि पुलिस जल्द मामले का खुलासा करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जायेगी।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles