मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट ने लू और बढ़ती गर्मी को देखते हुए कामकाज के समय में बदलाव किया है। अब जिले की सभी निचली अदालतें सोमवार(25 मई 2026) से ‘मॉर्निंग कोर्ट’ के रूप में संचालित होंगी। यह व्यवस्था आगामी 27 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता सिंह ने इस संबंध में सामान्य आदेश संख्या 172/2026 जारी किया है। यह फैसला आम लोगों, वकीलों और अदालती कर्मचारियों को भीषण गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है।
मई महीने में मुजफ्फरपुर सहित पूरे उत्तर बिहार में लू और अत्यधिक उमस के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। दोपहर के समय कोर्ट परिसर में वकीलों और दूर-दराज से आने वाले मुवक्किलों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा बढ़ गया था। इस स्थिति को देखते हुए, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और एडवोकेट्स एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से याचिका दायर कर मॉर्निंग कोर्ट शुरू करने का आग्रह किया था। जिला जज ने पटना हाईकोर्ट के पूर्व दिशा-निर्देशों और वकीलों की इस मांग पर विचार करते हुए यह आदेश जारी किया। दो शिफ्ट में होगा काम नए आदेश के अनुसार, अदालती कार्यवाही और कार्यालय के समय को दो सत्रों में बांटा गया है, ताकि दोपहर की तेज धूप से पहले मुख्य न्यायिक कार्य पूरे किए जा सकें। प्रथम सत्र सुबह 07:00 बजे से सुबह 09:30 बजे तक चलेगा। इसके बाद सुबह 09:30 बजे से सुबह 10:00 बजे तक मध्यांतर (रिसेस) रहेगा। द्वितीय सत्र सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। कार्यालय का समय सुबह 06:30 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक रहेगा, जिसमें आधे घंटे का रिसेस भी शामिल है। मुवक्किलों को सुबह पहुंचने की सलाह अदालत का समय बदलने से अब गवाहों, कैदियों और मुवक्किलों को सुबह-सुबह ही कोर्ट परिसर पहुंचना होगा। अधिवक्ताओं का कहना है कि सुबह 7 बजे कोर्ट शुरू होने से लोग दोपहर 1 बजे तक अपने घरों को सुरक्षित लौट सकेंगे, जिससे वे लू की चपेट में आने से बच जाएंगे। कोर्ट प्रशासन ने परिसर में पीने के पानी और ओआरएस (ORS) की व्यवस्था दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए हैं। 27 जून के बाद मौसम की स्थिति की समीक्षा कर कोर्ट दोबारा अपने पुराने समय पर लौट आएगा।


