लोहरदगा| गुरुकुल शांति आश्रम में आर्यवीर दल झारखंड प्रदेश के बैनर तले 21 मई से 26 मई 2026 तक आयोजित होने वाले रानी लक्ष्मीबाई आर्य वीरांगना शिविर 2026 का आयोजन रविवार को तीसरे दिन भी हुआ। इस दौरान केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री भारत सरकार संजय सेठ ने प्रशिक्षण में भाग ले रहे आर्य वीरांगनाओं को संबोधित कर उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार आने वाले समय में रक्षा के क्षेत्र में सेना अध्यक्ष जैसे श्रेष्ठतम पदों में भी महिलाओं को मौका देने जा रही है। चाहे वह शिक्षा हो या राष्ट्र के सेना सभी श्रेणियां में महिलाओं का भागीदारी बढ़ी है। भारत सरकार ने सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए स्थान बढ़ाया है ताकि भारत के सभी क्षेत्रों से महिला प्रतिभाओं को सम्मान मिले और अवसर मिल सके। उन्होंने गुरुकुल शांति आश्रम के आचार्य आचार्य शरद चंद्र आर्य की प्रशंसा करते हुए बताया कि यह बेहद नेक एवं श्रेष्ठतम कार्य में से एक है। आज जहां लोग नवरात्र में महिलाओं की पूजा करते हैं और फिर सामान्य स्थिति में आ जाते हैं। ऐसे समय में विभिन्न जिलों के आर्य वीरांगनाओं को उनके शारीरिक, स्वास्थ्य, व्यायाम, योग प्राणायाम, लाठी चलाना, भाला चलाना, आत्मरक्षक की विभिन्न जानकारी, उन्हें प्रतिभावान बनाना, चारित्रिक गुणों एवं बौद्धिक स्तर पर उन्हें श्रेष्ठतम जानकारी प्रदान करना बेहद श्रेयस्कर काम है। इसके पूर्व गुरुकुल शांति आश्रम परिवार, आर्य वीर दल, वनवासी महिला समिति एवं गुरुकुल शांति आश्रम के आचार्य के नेतृत्व में उनको पुष्पुच्छ व अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित एवं स्वागत किया गया।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने आर्य वीरांगनाओं का किया उत्साहवर्धन
लोहरदगा| गुरुकुल शांति आश्रम में आर्यवीर दल झारखंड प्रदेश के बैनर तले 21 मई से 26 मई 2026 तक आयोजित होने वाले रानी लक्ष्मीबाई आर्य वीरांगना शिविर 2026 का आयोजन रविवार को तीसरे दिन भी हुआ। इस दौरान केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री भारत सरकार संजय सेठ ने प्रशिक्षण में भाग ले रहे आर्य वीरांगनाओं को संबोधित कर उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार आने वाले समय में रक्षा के क्षेत्र में सेना अध्यक्ष जैसे श्रेष्ठतम पदों में भी महिलाओं को मौका देने जा रही है। चाहे वह शिक्षा हो या राष्ट्र के सेना सभी श्रेणियां में महिलाओं का भागीदारी बढ़ी है। भारत सरकार ने सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए स्थान बढ़ाया है ताकि भारत के सभी क्षेत्रों से महिला प्रतिभाओं को सम्मान मिले और अवसर मिल सके। उन्होंने गुरुकुल शांति आश्रम के आचार्य आचार्य शरद चंद्र आर्य की प्रशंसा करते हुए बताया कि यह बेहद नेक एवं श्रेष्ठतम कार्य में से एक है। आज जहां लोग नवरात्र में महिलाओं की पूजा करते हैं और फिर सामान्य स्थिति में आ जाते हैं। ऐसे समय में विभिन्न जिलों के आर्य वीरांगनाओं को उनके शारीरिक, स्वास्थ्य, व्यायाम, योग प्राणायाम, लाठी चलाना, भाला चलाना, आत्मरक्षक की विभिन्न जानकारी, उन्हें प्रतिभावान बनाना, चारित्रिक गुणों एवं बौद्धिक स्तर पर उन्हें श्रेष्ठतम जानकारी प्रदान करना बेहद श्रेयस्कर काम है। इसके पूर्व गुरुकुल शांति आश्रम परिवार, आर्य वीर दल, वनवासी महिला समिति एवं गुरुकुल शांति आश्रम के आचार्य के नेतृत्व में उनको पुष्पुच्छ व अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित एवं स्वागत किया गया।


