मुजफ्फरपुर रेल पुलिस ने ट्रेनों में यात्रियों के ट्रॉली बैग और कीमती सामान चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चोरी का सोना खरीदने वाले पटना के पुनपुन निवासी एक स्वर्ण व्यवसायी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में उसे छोड़ दिया गया। पुलिस ने गिरोह के पास से करीब 32.5 ग्राम सोना बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग पांच लाख रुपये बताई जा रही है। पूरे मामले की जानकारी देते हुए रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि यह एक संगठित ट्रॉली लिफ्टर गैंग था, जो विशेष रूप से ट्रेन संख्या 03044 सीतामढ़ी-हावड़ा स्पेशल ट्रेन को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य रात के समय यात्रियों के सो जाने के बाद ट्रॉली बैग और कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे। कार से जाता था सीतामढ़ी फिर ट्रेन से करता था सफर रेल एसपी ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड वैशाली का रहने वाला है। वह कार से वैशाली से सीतामढ़ी पहुंचता था। इसके बाद गिरोह के सदस्य ट्रेन में सवार होकर बरौनी तक सफर करते थे। इसी दौरान समस्तीपुर और दरभंगा जंक्शन के बीच यात्रियों के ट्रॉली बैग और कीमती सामान चोरी कर लेते थे। गिरफ्तार बदमाशों के नाम- 1. लक्ष्य तिवारी उर्फ बाबा
2. संतोष कुमार उर्फ श्रवण
3. सुनील कुमार
4. छोटू कुमार
5. नीरज कुमार उर्फ बैगन ये चोरी के बाद आरोपी बड़ी सफाई से अलग-अलग स्टेशनों पर उतरकर फरार हो जाते थे। गिरोह काफी संगठित तरीके से काम करता था और लगातार इसी ट्रेन को टारगेट कर रहा था। एक बोगी से चोरी किए कई सामान पूरे मामले का खुलासा 11 मई को हुआ, जब 03044 सीतामढ़ी-हावड़ा स्पेशल ट्रेन की एस-6 बोगी में सफर कर रहे कई यात्रियों का सामान अचानक गायब हो गया। दरभंगा निवासी दिलखुश झा अपने परिवार के साथ हावड़ा जा रहे थे। उनके परिवार की सीट संख्या 34, 35, 37, 38, 41, 42 और 48 थी। यात्रा के दौरान उनका ट्रॉली बैग चोरी हो गया, जिसमें करीब 35 ग्राम सोना समेत कई कीमती सामान रखे थे। पीड़ित की शिकायत पर रेल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी और तकनीकी जांच से मिला सुराग मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी, डीआईयू और विभिन्न रेल थानों की टीम को जांच में लगाया गया। पुलिस ने डंप टावर, टेक्निकल सर्विलांस और डीआर तकनीक की मदद से जांच आगे बढ़ाई। इसी दौरान समस्तीपुर स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति ट्रॉली बैग ले जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह की पहचान कर ली। फिर ट्रेन को बनाने पहुंचे थे निशाना जांच के दौरान पता चला कि गिरोह दोबारा इसी स्पेशल ट्रेन को निशाना बनाने की तैयारी में था। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। बीते दिन दरभंगा जंक्शन से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी समस्तीपुर और एक वैशाली से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने पटना के पुनपुन इलाके से एक स्वर्ण व्यवसायी को भी हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि आरोपियों ने चोरी का सोना उसे करीब दो लाख रुपये में बेचा था। उसके पास से पुलिस ने 32.5 ग्राम सोना बरामद किया। अपराधियों का खंगाला जा रहा रिकॉर्ड रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने पहले किन-किन ट्रेनों और यात्रियों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है और ट्रेनों में सक्रिय ऐसे गिरोहों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


