दुनिया के कई देशों में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस संक्रमण को देखते हुए बिहार की राजधानी पटना में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित खतरे से निपटने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से तैयारी शुरू कर दी है। पटना सिविल सर्जन कार्यालय ने जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, अनुमंडलीय अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश जारी किया है। साथ ही किसी भी संदिग्ध मरीज को तुरंत आइसोलेट कर इलाज शुरू करने की व्यवस्था करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल पटना या बिहार में इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पहले से तैयारी जरूरी है। कोविड महामारी के दौरान हुई परेशानियों से सबक लेते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। इबोला मरीजों के लिए छह विशेष बेड सुरक्षित रखे गए पटना सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में इबोला मरीजों के लिए छह विशेष बेड सुरक्षित रखे गए हैं। इसके अलावा पीएमसीएच में भी तीन बेड रिजर्व रखे गए हैं। इन बेडों को पूरी तरह आइसोलेशन सुविधा से लैस किया गया है ताकि संक्रमण फैलने की आशंका को रोका जा सके। डॉ. मंडल ने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर अन्य अस्पतालों में भी अलग वार्ड और क्वारंटाइन सुविधा विकसित की जाएगी। अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि यदि कोई मरीज तेज बुखार, उल्टी, दस्त, अत्यधिक कमजोरी या रक्तस्राव जैसे लक्षणों के साथ पहुंचे और उसकी हाल की विदेश यात्रा की हिस्ट्री हो, तो उसे तुरंत सामान्य वार्ड से अलग रखा जाए। साथ ही उसके सैंपल जांच के लिए भेजे जाएं। स्वास्थ्य विभाग ने पटना एयरपोर्ट प्रशासन के साथ भी समन्वय बढ़ाया स्वास्थ्य विभाग ने पटना एयरपोर्ट प्रशासन के साथ भी समन्वय बढ़ा दिया है। अधिकारियों का मानना है कि विदेश से आने वाले यात्रियों के जरिए संक्रमण फैलने की संभावना अधिक रहती है। इसी कारण एयरपोर्ट पर विशेष निगरानी टीम गठित की गई है। एयरपोर्ट पर संदिग्ध लक्षण वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। जरूरत पड़ने पर तत्काल मेडिकल जांच और आइसोलेशन की व्यवस्था भी की जाएगी। स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे विदेश से आने वाले यात्रियों पर विशेष नजर रखें, खासकर उन देशों से आने वाले लोगों पर जहां इबोला संक्रमण के मामले सामने आए हैं। सभी अस्पतालों को जारी हुई एडवाइजरी पटना जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को संक्रमण नियंत्रण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों को इबोला संक्रमण के लक्षण पहचानने, मरीजों को अलग रखने और संक्रमण से बचाव के तरीकों को लेकर प्रशिक्षित किया जा रहा है।
अस्पतालों में पीपीई किट, मास्क, ग्लव्स, सैनिटाइजर और डिसइंफेक्शन सिस्टम की उपलब्धता की समीक्षा भी शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संदिग्ध मरीज को सामान्य मरीजों के बीच नहीं रखा जाएगा। इसके अलावा एंबुलेंस सेवाओं को भी सतर्क रहने को कहा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर मरीज को सुरक्षित तरीके से आइसोलेशन वार्ड तक पहुंचाया जा सके। क्या है इबोला वायरस? इबोला एक बेहद गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थ जैसे खून, पसीना, उल्टी, लार या अन्य शारीरिक संपर्क के जरिए फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, समय पर इलाज नहीं मिलने पर इसकी मृत्यु दर काफी अधिक हो सकती है। यह बीमारी पहली बार अफ्रीकी देशों में सामने आई थी और बाद में कई देशों में इसके मामले पाए गए। इबोला वायरस का संक्रमण तेजी से फैल सकता है, इसलिए शुरुआती पहचान और आइसोलेशन सबसे जरूरी माना जाता है।


